एटा। 108 एंबुलेंस सोमवार को समय से नहीं पहुंची थी। इस पर मरीज के परिजन उसे हथठेला से लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इमरजेंसी में मरीज की मौत हो गई थी। परिजन का कहना था कि तीन बार कॉल की गई, लेकिन एंबुलेंस कर्मियों द्वारा लोकेशन न मिलने की बात कह दी गई थी। मामले में डीएम के निर्देशन में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। वहीं चालक व ईएमटी को निलंबित कर दिया गया है।
शहर के मोहल्ला पटियाली गेट निवासी 50 वर्षीय पप्पू के परिजन गंभीर स्थित में हथठेला से लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सोमवार को पहुंचे थे। इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक शिव प्रताप ने देखने के बाद मृत बता दिया था। मृतक के बेटे अमन का आरोप था कि एंबुलेंस को कॉल की गई तो बताया गया कि लोकेशन नहीं मिल रही है। इस पर वह अन्य लोगों के साथ हथठेला से लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। मामले में डीएम ने जांच के निर्देश सीएमओ को दिए। सीएमओ ने बताया कि चालक अनिल व ईएमटी अर्जुन को निलंबित कर दिया गया है।
मामले में जांच के लिए एसीएमओ डॉ. राममोहन तिवारी, डिप्टी सीएमओ डॉ. सतीश चंद्र नागर व वाहन प्रभारी लोकमन सिंह की कमेटी बनाई गई है। बुधवार को उनसे मामले में रिपोर्ट मांगी गई है। चालक या ईएमटी दोषी निकलते हैं तो उन्हें हटाने के लिए कंपनी को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने बताया मामले में लखनऊ से जीपीएस की लोकेशन मंगाई गई है। इसके साथ ही कॉल का स्टेटस भी मंगाया है।