एटा। दहेज हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी के परिजनों से संपर्क कर तीन जेल कर्मियों ने मुकदमे में फैसला कराने के नाम पर आठ लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने एसएसपी के आदेश पर शनिवार को तीनों जेल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली नगर में गिरीश चंद्र तिवारी निवासी राजा का रामपुर हाल निवास अवागढ़ हाउस थाना कोतवाली नगर की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें जेल लिपिक सैय्यद मुख्तार अली, बंदी रक्षक असलम खां और डाकपाल शकील अहमद को नामजद किया गया है। गिरीश चंद्र का कहना है कि वर्ष 2014 में पुत्र अभिषेक की शादी निशा पुत्री मौजीराम मिश्रा निवासी नदौली थाना पटियाली के साथ हुई थी और 2015 में पुत्रवधू ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। निशा के मायके वालों ने इस पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप है कि जेल में पुत्र निरुद्ध होने के दौरान वहां तैनात तीनों कर्मचारियों ने बातचीत कर बेटे के मामले में मायके वालों से फैसला कराने की बात कही। इसके एवज में आठ लाख रुपये देना बताया गया। आरोप है कि विश्वास में लेने के बाद 15 सितंबर 2019 को सैय्यद मुख्तार अली और असलम घर आकर तीन लाख रुपये ले गए। इसके बाद तीन अक्तूबर को चार लाख रुपये और 20 नवंबर 2019 को एक लाख रुपये ले गए।
मुकदमा खत्म नहीं हुआ तो रकम वापस मांगी गई। इसके बाद असलम ने अपनी पत्नी हिना खां के खाते का एक चेक छह लाख रुपये का दिया जो बाउंस हो गया। जेल कर्मचारियों की ओर से आठ लाख की ठगी करने का सारा मामला एसएसपी सुनील कुमार सिंह को बताया गया। एसएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।