एटा। मेडिकल कॉलेज में 4 जून की रात ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी कमरे में सो रहे थे और मरीज कराह रहे थे। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में तीन महिला कर्मचारियों की बर्खास्तगी की संस्तुति की है।
भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक शर्मा ने इस मामले की शिकायत की थी। जिसके बाद जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति को उन्होंने बताया कि उनकी बहन प्रीति शर्मा का यहां प्रसव हुआ था। प्रसव होने के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती कर दिया गया। 4 जून की रात को दिक्कत हुई तो वहां पर मौजूद स्टाफ को देखा, लेकिन कोई नजर नहीं आया। सभी लोग चैन से एक कमरे में सो रहे थे।
ऐसे में बहन के अलावा अन्य कई मरीजों को भी रात भर दिक्कत उठानी पड़ी। जांच समिति ने नीलम, संगीता और सुमन की लापरवाही मानते हुए बर्खास्त करने की संस्तुति की है। वहीं, किसान नेताओं को पुरुषों के लिए प्रतिबंधित गायनी बार्ड में फोटो, वीडियो लेने पर चेतावनी दी है।