सूत की मंडी में पंडित रामबल्लभाधीश महाराज ने कथा का वर्णन किया। कथा में उन्होंने विभीषण शरणागति एवं श्रीराम-रावण के युद्ध का वर्णन किया।
कथा वाचक ने कहा कि अधर्म पर धर्म की जीत में रावण के पूरे कुल का नाश हो गया। भाई विभीषण क ी मृत्यु के उपरांत रावण स्वंय युद्ध मैदान में आया और उसने अपने पराक्रम को युद्ध क्षेत्र में दिखाया। राम के कई बार शीश काटने के बाद भी जब बार-बार रावण का शीश जुड़ जाता तो एक पल को रावण की माया को देख राम अंचभित हो गए तब विभीषण ने उन्हें नाभि में रावण के प्राण स्थिर होने की बात कहीं, और राम ने रावण की नाभि पर वाण साध कर चलाया और रावण का अंत हो गया। उन्होंने कहा कि कलयुग में विभीषणों की संख्या बहुत है। इस लिए विभीषणों से बचना चाहिए। अपने मित्र, रिश्तेदारों में कई विभीषण के भेष में हम सब के जीवन में मौजूद है ऐसे विभीषणों की पहचान कर हमें उनसे बचना चाहिए।
भक्तों से आव्हान किया कि वह धर्म मार्ग पर चलते हुए अपना जीवन यापन करें। नाम, यश, पैसे कमाने के लिए अधर्म का साथ कभी न पकड़े, अधर्म के मार्ग पर चलकर अल्प समय में मिली सफलता स्थिर नहीं रहती, जबकि धर्म के मार्ग पर चलकर मिली सफलता संतुष्टि के साथ ही आत्मिक सुख प्रदान करती है।
कथा के दौरान राजीव अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, अरविंद अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, अवधेश अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, दिव्येन्द्र, अदीप, अनुपम वार्ष्णेय, त्रिलोकी नाथ, अनुपम, विपिन, अजीत, मधुर वार्ष्णेय, अशोक कुमार, विजय पल्तानी, सुरेश, शंकर , रामेश्वर दयाल आदि मौजूद रहे।
आज होगा राम का राज्याभिषेक
कासगंज (ब्यूरो)। मुख्य यजमान राजीव अग्रवाल ने बताया कि आज रामकथा के अंतिम दिन भगवान श्री राम का राज्याभिषेक होगा। रविवार को दिन में पूर्णाहुति, हवन भंडारा व सांय को बाबा चित्र-विचित्र की भजन संध्या का आयोजन होगा। उन्होंने भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रमों का आंनद लेने की अपील की है।