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फिर बारिश, खेतों में लांक भी चौपट

Mon, 13 Apr 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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पहले से ही आपदा की मार झेल रहे किसानों के लिए सोमवार भी भारी रहा। बारिश के साथ ही किसानों के आंसू भी बहे। खेतों में पानी भर जाने से कटाई मढ़ाई का काम प्रभावित हो गया। लांक भींग गया। अब गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जनपद में कहीं तेजी तो कहीं धीमी बारिश हुई।
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पिछले दिनों हुई बारिश से फसलें पहले ही तबाह हो गई थीं। कुछ फसल को घरों तक पहुंचाने में जुटे किसान पर सोमवार का दिन भारी पड़ गया। बारिश ने कटे फसल को भिंगो दिया। खेतों में पानी भर गया। कई जगह कटाई का काम प्रभावित हो गया। किसानों को बचे गेहूं के दाने की चमक फीकी होने की चिंता है। ऐसे में उनकी फसलों का दाम भी गिर सकता है। उनके सामने कर्ज चुकाने समेत अन्य परेशानी खड़ी हो जाएगी। अमांपुर में दोपहर को बारिश हुई। किसान महीपाल ने बताया कि अब बची हुई फसल ही तबाह हो गई है। पटियाली में रविवार रात हुई बारिश और सोमवार को छाए बादलों ने किसानों के हलक सुखा दिए। किसान मुन्ना शाक्य, अमरपाल कश्यप, धर्मेंद्र सोलंकी का कहना है कि पकने के बाद भीगी गेहूं की फसल बरसात से और खराब हो जाएगी। उसके स्वाद में कमी आएगी। धूप निकलने पर बाल सड़ भी सकती है।



तबाह सभी किसानों को मिले मुआवजा
 भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष भगवान सिंह राघव का कहना है कि राजस्व कर्मी किसानों के खेतों पर जाकर आकलन करें। प्रभावित सभी किसानों को मुआवजा दिया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो यूनियन आंदोलन करने को बाध्य होगी।
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