भारतीय बौद्ध महासभा के तत्वावधान में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यक्रम नगला बेरिया अहरोली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तथागत बौद्ध एवं डा. भीमराव अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन बौद्ध ने कहा कि महात्माबुद्ध ने सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। उनकी विचारधारा का अनुसरण करें। उनके अनुयाईयों को अहिंसा का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर ने 14 अक्तूबर 1956 में छह लाख से अधिक अनुयाईयों के साथ धम्म दीक्षा लेकर बौद्ध धर्म अपनाया। उन्होंने बुद्ध की विचार धारा पर समाज को चलने का आवाह्न किया। आज भी यदि हम बुद्ध की विचारधारा पर चलें तो कई समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी। समाज में समरसता का भाव होगा। प्रदेश संयुक्त सचिव राधेलाल बौद्ध ने कहा कि महात्मा बुद्ध ने राजपाठ त्याग कर जो ज्ञान अर्जित किया उसे संसार में फैलाया। इससे समाज के सभी लोग ज्ञान से लाभान्वित हों। विश्व के कई देशों में उनके अनुयाई हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनार सिंह बौद्ध ने की। कार्यक्रम का संचालन डा. सत्यदेव कुशवाह ने किया।
इस दौरान रामदास विजय, सीताराम पुष्कर एडवोकेट, कमल कुमार बौद्ध, लालाराम एडवोकेट, हरिओम एडवोकेट, अशोक एडवोकेट, तेजसिंह, शेरसिंह, डीसी मौर्या, अनिल कुमार, शोभाराम कुशवाह, पारसनाथ, आयुष्मति नवलेश, अरुण कु मार, शिवानंद, रोशनलाल आदि मौजूद रहे।