एटा। कोहरे का असर अब यातायात पर भी दिखने लगा है। शाम से छा रही कोहरे की घनी चादर ने रोडवेज बसों के पहियों को भी थाम दिया है। एटा से दिल्ली का पांच घंटे का सफर आठ से नौ घंटे में पूरा हो रहा है। कोहरे की वजह से लोग बसों में सफर करने में भी गुरेज कर रहे हैं। इसके चलते रात को बसें भी खाली दौड़ रही हैं। विभाग के अनुसार कोहरे की वजह से रोडवेज को प्रतिदिन दो से तीन लाख तक के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर, एटा से काम कर लौट रहे कासगंज के लोगों को शाम को समय से बसें न मिलने पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
घने कोहरे की चादर का असर रोडवेज बसों व एटा में दौड़ रही एकमात्र ट्रेन पर दिखने लगा है। बसें जहां तीन से चार घंटे की देरी से चल रही हैं, वहीं ट्रेन भी एक से दो घंटे की देरी से चल रही है। दिल्ली से एटा लौटे अरुणानगर निवासी राजेश कुमार का कहना है कि वे शुक्रवार शाम सात बजे दिल्ली से एटा के लिए रोडवेज बस में बैठे थे। घने कोहरे की वजह से बस काफी धीमे चली। इससे वे एटा सुबह करीब साढ़े चार बजे पहुंच पाए। इसके अलावा घने कोहरे की चादर में सफर करते हुए मन में दुर्घटना का भी भय था। इसी कारण लोग फिलहाल सफर की तैयारियों का टालते हुए दिख रहे हैं।
कोहरे के चलते देर से चल रही बसों से कासगंज जाने वाले लोग भी खासे परेशान दिख रहे हैं। शाम को पांच बजे काम खत्म कर रोडवेज बस स्टैंड पर उन्हें एक-एक घंटे बस का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद पड़ने वाला कोहरा सफर को और भयभीत बना देता है। इन सभी कारणों के चलते लोगों को खासी परेशानी हो रही है। विभाग को भी प्रतिदिन दो से तीन लाख तक के राजस्व की चपत लग रही है।
कोहरे के कारण बसें देरी से चल रही हैं। सवारियां कम निकलने से राजस्व में भी कमी आई है। सफर के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए विभाग पूरे प्रयास कर रहा है।
- संजीव यादव, एआरएम, रोडवेज डिपो