एटा। तापमान में कमी आते ही लोगों को जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द परेशान करने लगा है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सायटिका, सर्वाइकल और गाउट (गठिया) के काफी मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
अस्थित रोग विभाग के डॉ. कुलदीप ने बताया कि ज्यादातर मरीज सायटिका, सर्वाइकल, गाउट आदि के आ रहे हैं। मौसम बदलने के साथ इस तरह की बीमारियों के मरीजों के हाथ-पैर, जोडों, घुटने और कमर में दर्द होने लगता है। सर्वाइकल, सायटिका और गाउट के 50 से अधिक मरीज रोजाना आ रहे हैं। परीक्षण के आधार पर इन्हें उपचार दिया जा रहा है। गाउट का दर्द अचानक से घुटने, उंगलियों और कलाइयों में होने लगता है। वहीं साइटिका का दर्द पीठ के निचले हिस्से से जांघ तक होता है। यह दर्द शरीर के एक तरफ ही होता है। वहीं सर्वाइकल का दर्द गर्दन और उसके नीचे होता है। यह बीमारी 40 से अधिक उम्र के लोगों में अधिक हो रही है। अस्थि रोग विभाग में रोजाना 400 से अधिक मरीज उपचार ले रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
- ठंडे पेय पदार्थ का सेवन न करें।
- दर्द वाले भाग की गर्म पानी से सिकाई करें।
- गर्म पट्टी बांधकर रखें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।
त्रिलोकपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 40 लोगों की जांच की
मारहरा। गांव त्रिलोकपुर, गहराना, रसीदपुर माफी, ब्रह्मनगरिया आदि गांव में बुखार फैलने से सैकड़ों लोग पीड़ित हैं। इनके उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में कैंप लगाकर दवा का वितरण कर रही है। त्रिलोकपुर में मंगलवार को कैंप लगाकर 40 मरीजों की जांच कर दवा दी गई।
स्वास्थ्य टीम ने मरीजों में मलेरिया के 20, डेंगू के 10, टीबी के 5 सैंपल लिए गए। मलेरिया और डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आने पर मरीजों और स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। प्रभारी चिकित्साधिकारी रविरंजन यादव ने बताया कि मौसम बदलने पर बुखार, सर्दी-जुकाम के साथ ही मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। क्षेत्र के गांव रसीदपुर माफी, ब्रह्मनगरिया, गहराना में कैंप लगाकर मरीजों को दवा का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मरीजों की समय-समय पर जांच कराई जा रही है। जिन गांव में बुखार फैला था, मरीजों की जांच कर और दवा देकर नियंत्रण कर लिया गया। कैंप में डॉ. नेहा, डॉ. अफसा जरीन, डाॅ. केके गुप्ता, महेंद्र, रीना, लोकमन, अंजू वर्मा, रीता आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
गांव त्रिलोकपुर में मरीजों का परीक्षण करते चिकित्सक। संवाद