एटा। शीतलपुर ब्लॉक के गांव मरथरा भगवानदास के तालाब में मगरमच्छ लगातार देखे जा रहे हैं। आगरा व लखनऊ की एनजीओ की टीम इन्हें पकड़ने के लिए आई लेकिन तीन दिन बाद उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
गांव मरथरा भगवानदास में मगरमच्छ पकड़ने के लिए आगरा व लखनऊ की टीम आईं थीं। तालाब के आसपास अत्यधिक झाड़ियां, पतेल होने की वजह से टीम मगरमच्छ को नहीं पकड़ सकी। यहां पर तीन दिन टीम ने तालाब का पानी निकालने की कोशिश की। सोमवार को बारिश होने से तालाब में फिर पानी भर गया। इसके बाद टीम ने मगरमच्छ पकड़ने से हाथ खड़े कर दिए। तालाब तक पहुंचने का रास्ता नहीं होने का हवाला देते हुए टीम वापस चली गई।
गांव कुशवा के तालाब में दिखा मगरमच्छ
जलेसर। अवागढ़ विकासखंड क्षेत्र के गांव कुशवा के तालाब में मंगलवार को मगरमच्छ का वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीण भयभीत हैं। सूचना वन विभाग को दी गई।
जलेसर क्षेत्र के वन विभाग के रेंजर गिरजेश तिवारी ने बताया कि तालाब के आसपास कीचड़ अधिक होने की वजह से तालाब तक नहीं पहुंचा जा सकता है। तालाब के किनारे खेत है। तालाब में मार्स प्रजाति का मगरमच्छ है जो कीचड़ में रहना पसंद करता है। यहां पर वन विभाग की टीम को तैनात कर दिया गया है। तीन दिन से मगरमच्छ पर निगरानी की जा रही है। अगर ये तालाब से बाहर निकलता है तो उसका रेस्क्यू किया जाएगा। ग्रामीणों के शोर-शराबा की वजह से वो तालाब में ही घुसा हुआ है।
गांव के तालाब में मगरमच्छ के रहने और वन विभाग की उदासीनता के चलते भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के पदाधिकारियों और ग्रामीणों में नाराजगी है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वन विभाग ने मगरमच्छ को तालाब से नहीं पकड़ा तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यह घटना ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। खासकर जब मगरमच्छ जैसे जंगली जानवर रिहायशी इलाकों के करीब देखे जा रहे हैं और वन विभाग कार्रवाई करने में सुस्त दिख रहा है।
-वर्जन
मरथरा भगवानदास गांव के तालाब में बारिश होने से फिर से पानी भर गया जिसकी वजह से टीम वापस चली गई। वहीं कुशवा गांव में वन विभाग की टीम मगरमच्छ का रेस्क्यू करने में लगी हुई है। ग्रामीणों के शोर-शराबा की वजह से मगरमच्छ पानी में घुस जाता है। अगर शोर-शराबा बंद हो तो उसे पकड़ लिया जाएगा। - सुंदरेशा, डीएफओ