एटा। दिल्ली से शुक्रवार को राष्ट्रीय नियंत्रण संगठन ( नार्को) की उप महानिदेशक टीम के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंची। संपूर्ण सुरक्षा केंद्र पर कई बिंदुओं पर पड़ताल की। इसके बाद एचआईवी की जांच के बारे में जानकारी की। जांच कम मिलने पर नाराजगी जताई।
नार्को की उप महानिदेशक डॉ. शोबिनी राजन टीम के साथ मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर बने संपूर्ण सुरक्षा केंद्र पर पहुंची। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की सिफलिस की जांच के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों से पूछा। इस पर कर्मी चुप हो गए। बताया गया दो दिन पहले ही जांच के लिए किट आईं हैं। इस पर नाराजगी जताई। वहीं सुरक्षा के संसाधन केंद्र पर आने वाले लोगों को देने के बारे में पूछा तो कर्मियों ने बताया केंद्र पर नहीं है। कर्मियों से मांग करने के बारे में पूछा तो सभी चुप्पी साध गए। वहीं लैब टेक्नीशियन से पूछा कि एक दिन में कितनी जांच करते हो। बताया कि 35 से 40 हो जाती हैं। कहा जांच का दायरा कम है तो अलग से क्यों कक्ष दिया जाए। लैब में ही इतनी जांच कर सकते हो।
उन्होंने सीएमएस से टैक्नीशियन को लैब में ही जांच कराने की बात कही। वहीं कर्मियों से कई अन्य सवाल किए , लेकिन कर्मी सही से जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद टीम एआरटी सेंटर पर गई। वहां एचआईवी के सैंपल व रिपोर्ट सहित अन्य कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल की। उन्होंने जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं केंद्र पर तैनात दो काउंसलर में से एक काउंसलर को हटाने के निर्देश दिए। टीम करीब 4 घंटे से अधिक समय तक मेडिकल कॉलेज में अपनी जांच करती रही।