कोतवाली पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को दबोचने में एसटीएफ पुलिस की मदद से सफलता हासिल की हैं। जबकि उसके अन्य साथियों की पुलिस तलाश कर रही हैं। पकड़े गए युवक के तार कई जनपदों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उसके पास से विभिन्न विभागों की मुहरों व अन्य कागजात भी बरामद किए हैं।
ठगी के इस खेल को पकड़ा गया युवक राजकपूर निवासी पचवर्ष थाना छावनी जनपद बस्ती गिरोह बंद तरीके से संचालित करता था। ठगी के इस नेटवर्क में इसके कई साथी शामिल हैं। अपने चाचा के साथ मिलकर वह ठगी का खेल कर रहा था। कासगंज के अलावा मेरठ, दिल्ली, अयोध्या, फैजाबाद सहित अन्य इलाकों के युवकों को भी वह ठगी का शिकार बनाकर लाखों की चपत लगाई है। 13 जनवरी को कासगंज के प्रेमचंद्र निवासी सरकूलर रोड पायल टाकीज ने बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्रेम के अलावा नगर के राजीव निवासी बृजकुंज कालोनी को रेलवे में टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर चार माह पूर्व पांच लाख रुपये लिए, नरेंद्र सिंह और ममता से बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये नौ माह पूर्व लिए। कोतवाली पुलिस ने एसटीएफ की मदद से उसे बादशाह नगर चौराहा महानगर लखनऊ से दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से 16 मोहर, तीन मोबाइल, पांच सिमकार्ड, एक एटीएम भी बरामद किया है। कोतवाली निरीक्षक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी राजकपूर पर मेरठ में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत हैं। आरोपियों ने अपनी वेबसाइट भी बना रखी हैं। जिससे लोगों को झांसे में लिया जा सके। उसके फरार साथी भवानी प्रसाद, अमित चौधरी, रामबाबू, अमित आदि को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।