विधानसभा कासगंज में 2460 युवतियों को पहली बार विधानसभा चुनाव में वोट देने का अधिकार मिला है। यह अधिकार पाकर उनके चेहरे पर चमक देखते ही बनती है। अपने इस अधिकार का प्रयोग करने के लिए वे काफी उत्साहित हैं। अपने कॉलेज में जब छात्राएं सहपाठियों के बीच होती हैं तो उनके बीच चुनावों की चर्चा होने लगती है। उनके बीच तरह तरह के मुद्दे उठने लगते हैं। अमर उजाला ने जब एमजी डिग्री कॉलेज की छात्राओं से बातचीत को तो उन्होंने अपनी बेबाक राय दी।
विधानसभा क्षेत्र अभी भी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाया है। बालिकाओं की शिक्षा के लिए यहां पर्याप्त साधन नहीं हैं। वित्त विहीन महाविद्यालयों में महंगी फीस होने से गरीब बालिकाएं शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। अपना वोट देते समय वे इस बात का पूरा ध्यान रखेंगी। जो प्रत्याशी शिक्षा को गंभीरता दिखाएगा उसको अपना वोट देंगी। -शीतल छात्रा, अहरोली
शिक्षा के बाद युवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता रोजगार की होती है। रोजगार के क्षेत्र यहां पर अधिक साधन नहीं हैं। छोटे मोटे जो उद्योग हैं उनमें युवतियों को रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं हो पाते। जिससे उन्हें रोजगार के लिए या तो बाहर जाना होता है या फिर अपनी इच्छा को दफन करना होता है। -दीप्ति, छात्रा, अहरोली
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पर्याप्त विकास नहीं हुआ है। परिवहन की सेवाएं तक सही ढंग से उपलब्ध नहीं हो पाती। स्नातक की शिक्षा के लिए शहर की ओर आना होता है, लेकिन साधनों के अभाव में छात्राओं को काफी दिक्कतें होती है। अकेले साइकिल से आना काफी असुरक्षित होता है। वह ऐसे प्रत्याशी को वोट देंगी जो इन सब बातों का ध्यान रखेंगा। -लक्ष्मी, छात्रा, रेखपुर
मतदान का अधिकार संविधान ने दिया है। इस अधिकार का प्रयोग काफी सोच समझकर करना चाहिए। सही जनप्रतिनिधि का चयन होने पर ही क्षेत्र का सही विकास होता है। जो जनप्रतिनिधि चुनाव मैदान में उतरेंगे उनके घोषणा पत्र का अवलोकन करने के बाद ही वह अपने मताधिकर का प्रयोग करेंगी।
-सरिता, छात्रा, हरसिंहपुर