कासगंज। सोमवार की रात आई आंधी ने काफी तबाही मचाई दी। आम की फसल को आंधी से काफी नुकसान हुआ। खेतों में रखा भूसा एवं गेहूं की लाक भी उड़ गई। 200 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। मंगलवार को दोपहर के बाद आपूर्ति व्यवस्था बहाल हो सकी।
सोमवार की मध्य रात के बाद मौसम अचानक बदल गया। आंधी के चलते भूसा तेज हवा में उड़ गया। लोगों के छप्पर एवं टीन आदि उड़ गए। अभी पेड़ों पर आम काफी छोटा है। आंधी से आम टूट कर गिर पडे़, जिससे बागवानों को काफी क्षति का सामना करना पड़ा। बिजली की लाइनों पर पेड़ की डालियां टूटकर गिरने से नमेनी, बरबारा, गोयती, इस्माइलपुर, बिलराम, सालिगराम, महेवा, केंट, नदरई, मोहनपुरा, पिवारी, नगला पीपल, कांतौर, सलेमपुर, बिरामपुर, किनावा, बाहिदपुर, भरसोली, गढ़ी फीडरों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमारा गई। जिससे 150 से अधिक गांव में बिजली का संकट गहरा गया।
सहावर के ग्रामीण इलाकों में रात से ही बिजली आपूर्ति ठप मयासुर शहबाजपुर मंगदपुर ,नगला सामन्ती सहित आसपास के 20 गांव में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अमापुर में बिजली के पोल व पेड गिरने से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। कई कच्चे मकानों के छत, सोलर प्लेटे, लोहे के टीन शेड उड़ गये। घरों में लगे इन्वर्टर भी जबाव दे गए । जिससे लोगों को दैनिक उपयोग की जरूरतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के अधिकांश गांवों में आंधी आने से बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है। गांव फकौता, शेरपुर, नादर मई, बाछम ई लक्ष्मीपुर, सेबका, विगोरा, अलीपुर अभय पुरा आदि गांव में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
तीर्थंनगरी के लक्ष्मी बाई पार्क में रखे ट्रांसफार्मर में खराबी आने से आधा दर्जन मोहल्लों की रात्रि विद्युत आपूर्ति गुल रही। वहीं ,आंधी के बाद पूरे कस्बे की आपूर्ति बाधित हो गई। रात 12 बजे के लगभग तेज आंधी के कारण शेष नगर की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई जो सुबह 3 बजे जाकर सुचारू हुई। गंजड़ुडवरा में आंधी से दुकानों के बाहर रखी टीनें उड़ गई। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों पर भी बिजली आपूर्ति पर आंधी का असर पड़ा।