एटा। मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर सर्जरी विभाग में शनिवार को स्टाफ नर्स ने गेट बंद कर दिया। बाहर मरीज उपचार के लिए लाइन में लगे हुए थे जो परेशान होते रहे। इस बीच वहां हंगामा भी हुआ।
मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर कक्ष संख्या 121 में प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को उन मरीजों की ओपीडी लगती है जिन्हें बवासीर, भंगदर और फिस्टुला से संबंधित परेशानी होती है। शनिवार को चिकित्सक एक-एक कर मरीजों को कक्ष के अंदर बुला रहे थे और बाहर मरीजों की कतार लगी थी। इसी बीच स्टाफ नर्स ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। मरीजों ने अंदर जाने के लिए अनुरोध किया लेकिन स्टाफ नर्स ने नहीं जाने दिया। मरीज भी गेट के बाहर करीब 20 मिनट तक परेशान होते रहे।
मनोचिकित्सा विभाग में भी बंद रहता है गेट
मेडिकल कॉलेज के भूतल पर कक्ष संख्या 9 में मनोचिकित्सा विभाग संचालित होता है। यहां पर मानसिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है। मरीजों ने बताया कि यहां पर स्टाफ नर्स अक्सर गेट बंद कर आराम फरमाती रहती हैं जिससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। गेट खुलवाने पर स्टाफ नर्स द्वारा मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है।
मेडिकल कॉलेज में यदि स्टाफ नर्स द्वारा मुख्य दरवाजा बंद किया गया है तो इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्टाफ नर्स को निर्देश दिए जाएंगे कि गेट खुले होने चाहिए। साथ ही निर्देश दिए जाएंगे कि मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार न किया जाए। - डॉ. रजनी पटेल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज