एटा। एससी एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे में आरोप साबित नहीं हो सके। पांच लोगों के विरुद्ध थाना अलीगंज में यह मामला 2020 में दर्ज किया गया था। आरोप साबित न होने पर विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश अशोक कुमार ने पांचों को दोषमुक्त करार दिया।
गांव बुलाकी नगर के नेकराम ने इसी गांव के प्रमोद कुमार इसका भाई प्रवेश, पुत्र सोनू, प्रवेश के पुत्र मोनू और रानू के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई। आरोप लगाया कि इन लोगों से संपत्ति का विवाद था। इसको लेकर 16 अक्तूबर 2020 को इन लोगों ने उसे और पुत्र अवधेश को जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए पीटा। गांव के लोगों ने उन्हें बचाया। अदालत में गवाही सुनवाई के दौरान लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए। इस पर अदालत ने अपने फैसले में सभी को दोषमुक्त घोषित किया।