एटा। भाजपा और कांग्रेस में जिला पद के लिए चुनाव प्रक्रिया चलती रही और बसपा ने झटके में फेरबदल कर भी डाला। जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों को बदलकर विधानसभा चुनाव पर फोकस बढ़ा दिया है।
भाजपा में दिसंबर से मंडल स्तर से चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से आवेदन लिए गए। 9 जनवरी को आवेदन एकत्रित कर प्रदेश मुख्यालय पहुंचा दिए गए। 46 लोगों ने दावेदारी की।
इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से पार्टी भी उलझन में है और अभी तक जिलाध्यक्ष की घोषणा नहीं हो सकी है। इसी तरह का हाल कांग्रेस में भी है। यहां 6 जनवरी को दावेदारों से आवेदन लिए गए थे 22 लोग कुर्सी की कतार में हैं। करीब एक महीने का समय बीतने के बाद भी अब तक दोनों में से किसी पार्टी ने जिलाध्यक्ष की घोषणा नहीं की है।
उधर, बसपा में अभी जिलास्तर पर चुनाव की कोई सुगबुगाहट नहीं थी। लेकिन संगठन में चल रही निष्क्रियता को भांपते हुए पार्टी ने बड़ा कदम उठाया। यहां जिलाध्यक्ष सहित जिला प्रभारी भी नए तैनात किए हैं। जिलाध्यक्ष पद की कमान अवागढ़ से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह सोनी को दी गई है। वह पूर्व मंडल प्रभारी रह चुके हैं। जबकि जिला प्रभारी रामनिवास विमल, सूर्य प्रताप सिंह, रामस्वरूप कुशवाहा व विजय कुमार भारतीय को बनाया है। साथ ही अलीगढ़ मंडल प्रभारी में भी बदलाव कर यह जिम्मेदारी राजू राम रतन को दे दी गई है। अभी तक वह जिला प्रभारी का कार्यभार संभाल रहे थे।