एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे दो ऑक्सीजन प्लांट लगे हुए हैं जिसमें एक ऑक्सीजन प्लांट को कंपनी ने 15 दिन से बंद कर रखा है। कंपनी ने सर्विस न होने की वजह से इसे बंद कर दिया है जबकि अभी ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस होने में तीन माह का समय बचा हुआ है। प्लांट अभी चार हजार घंटे संचालित नहीं पाया है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे एक हजार लीटर की क्षमता पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि यह प्लांट मेडिकल कॉलेज को साल 2024 में हैंडओवर हुआ था। प्लांट सायरेक्स कंपनी की देखरेख में संचालित किया जा रहा है। कंपनी ने 15 दिन पहले ऑक्सीजन सप्लाई को यह कहते हुए बंद कर दिया कि प्लांट की सर्विस नहीं हुई है।
ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस 2 साल बाद या 4 हजार घंटे चलने के बाद होती है। इसकी जांच की गई तो पता चला कि ऑक्सीजन प्लांट में लगे हुए दो कंप्रेसर में एक भी कंप्रेसर ने 4 हजार घंटे पूरे नहीं किए है। पहला कंप्रेसर 3467 और दूसरा 2708 घंटे संचालित हुआ है। इससे अभी इस प्लांट को सर्विस की आवश्यकता ही नहीं थी। उसके बाद भी ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कंपनी को ऑक्सीजन प्लांट संचालित करने के लिए पत्र लिखा है।