जिला अस्पताल की जांच करते डीएम
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बीमार जिला अस्पताल की सेहत जांचने बुधवार को डीएम विजय किरन आनंद पहुंचे तो हड़कंप मच गया। निरीक्षण में डीएम को जिला अस्पताल के हर पटल पर खामियां मिली तो सीएमओ और सीएमएम को कई बार फटकार सुननी पड़ी।
ओपीडी की प्रगति काफी खराब मिलने पर सीएमएस को निर्देश दिए गए। गंदे तौलिए, चादर समेत साफ सफाई नहीं मिलने पर सफाई ठेकेदार को फटकार लगाई। डीएम ने सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष में मरीजों का रजिस्टर देखा। प्रतिमाह रेफर होने पर मरीजों की स्थिति और बिना सर्जन के अस्पताल चलने पर डीएम ने आश्चर्य जताया। इमरजेंसी वार्ड के बेड पर टेगिंग और बेड सीट रोज बदलने को कहा। नेत्र विभाग में बाहर की दवा मंगाने की शिकायत पर चिकित्सक शमशाद अनवर को चेतावनी दी। सर्जिकल वार्ड, बाल रोग, मरहम पट्टी कक्ष, सामान्य रोगी कक्ष के निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। मरीजों को जिला अस्पताल में तीन वक्त का खाना और अस्पताल के बाहर प्राइवेट एंबुलेंस मिलने पर सीज करने के निर्देश दिए। डीएम ने एनआरसी, अल्ट्रासाउंड, महिला वार्ड, होम्योपैथिक कक्ष, दंत कक्ष, दवा वितरण कक्ष, नेत्र शल्य कक्ष का निरीक्षण कर पीएम हाउस में पुलिस गार्द तैनात करने के निर्देश एसएसपी को दिए। इसके बाद निर्माणाधीन 100 बेड के मदर एंड चाइल्ड सेंटर को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सीएमओ डा0 आरसी पाण्डेय, सीएमएस बृजेश राठौर, सीएमएस एके चतुर्वेदी मौजूद रहे।
रिटायर्ड नर्स ने की रिश्वतखोरी की शिकायत
जिला अस्पताल से रिटायर्ड नर्स मुन्नी देवी ने डीएम से भ्रष्टाचार की शिकायत की है। आरोप है कि लेखा विभाग के बाबू और सीएमएस ने अभीतक जीपीएफ और जीआईएफ का पैसा नहीं देने के साथ पेंशन तक रिलीज नहीं कराई। इसके चलते 31 मई, 2016 से रिटायर्ड नर्स किराए पर रहने को मजबूर है। आरोप है कि रिटायरमेंट से पहले लगने वाला इनक्रीमेंट रिटायर्ड होने के बाद दिखाया गया।