दीपों से जगमगाए घर, सतरंगी रोशनी से नहाया आसमान
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रोशनी के पर्व दिवाली पर रविवार को खुशियों के दीप जलाकर जिले में उत्साह और उमंग के साथ दीपोत्सव मनाया गया। घर-घर लोगों ने गणेश-लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति, समृद्धि की कामना करते हुए एक दूसरे को दीप पर्व की शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने आतिशबाजी चलाकर धूमधड़ाका किया। रविवार रात को आसमान रंगीन आतिशबाजी से सराबोर नजर आया, वहीं शहर का हर घर रंगीन रोशन से जगमाता दिखाई दिया।
रविवार सुबह से ही पर्व का उल्लास नजर आया। सुबह से घरों में पूजन-अर्चना की तैयारियां शुरू र्हुईं। शाम को घरों में गणेश-लक्ष्मी का विधिविधान से पूजन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। लोगों ने नए परिधान पहनकर पूजा में भाग लिया और एक-दूसरे को मिष्ठान खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं देने का सिलसिला किया तो देर रात चलता रहा। बच्चों ने पटाखे और आतिशबाजी चलाकर जश्न मनाया। इसके चलते रात भर आसमान रंगीन आतिशबाजी से सराबोर दिखा। शहर की हर इमारत रंगीन झालर की रोशनी से सजी जगमगाती दिखाई दी। जिले में पर्व पर दीप पर्व 20 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। दीप पर्व पर मिष्ठाई विक्रेताओं की खूब चांदी हुई। मिठाई खरीदने के लिए भीड़ लगी रही। जिले भर में मिठाई का लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक का रहा।
देर रात तक बिके पटाखे
जिले में दिवाली पर पटाखों का कारोबार भी करोड़ोें रुपये का हुआ। तेज आवाज वाले पटाखों का क्रेज कम नजर आया। शहर के सैनिक पड़ाव पर देर रात तक पटाखों की बिक्री हुई। पड़ाव मेें पटाखे खरीदने को भी भीड़ उमड़ी। पटाखों के थोक विक्रेता गणेश वार्ष्णेय ने जिले में पटाखों का कारोबार 5 से 8 करोड़ होने की उम्मीद जताई है।
जमकर बिके फूल और मालाएं
जिले में गणेश-लक्ष्मी की पूजा के लिए गेंदा के फूल और मालाएं जमकर बिकीं। शहर के मेहता पार्क, घंटाघर और रेलवे रोड पर विक्रेताओं के यहां लोगों की भीड़ नजर आई। दिवाली की शाम फूलों के दाम 70 रुपये किलो से लेकर 100 रुपये किलो तक रहे। लोगों ने घर और दुकानों को फूलों की लड़ियों और माला से सजाया।