संवाद न्यूज एजेंसी
मिरहची। भाकियू (स्वराज) के बैनर तले किसान गांव जरैलिया में 27 जून से धरना कर रहे हैं। जबकि कुछ किसानों ने 15 जुलाई से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। धरने पर बैठे एक बालक की तबीयत सोमवार के बाद बुधवार को फिर बिगड़ गई। उसे आगरा रेफर भेजा गया है।
किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन पर खड़ी फसल को जुतवा कर कब्जा कर लिया गया है। 6 महीने तक अधिकारियों के चक्कर काटते रहे। लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। किसान इस मामले में एसडीएम को भी आरोपित कर दूसरे पक्ष का गलत ढंग से सहयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर मंगलवार को लोगों समझाने पहुंची एसडीएम सदर भावना विमल का प्रयास विफल रहा। गांव वाले मानने को राजी नहीं हुए। उधर सोमवार को धरने के दौरान राजेंद्र के पुत्र वंश और प्रदीप की तबीयत बिगड़ी थी। जिनमें से वंश को मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया। मंगलवार को परिजन उसे घर ले आए। बुधवार को तबीयत फिर बिगड़ गई। जिसके बाद परिजन उसे आगरा ले गए हैं।