जिले में चुनावी जनसभाओं से मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के बेड़े को मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रत्याशियों की राह में रोड़ा बनने वालों को भी पाले में किया। इससे प्रत्याशी, समर्थक, कार्यकर्ता उत्साहित हो गए।
पटियाली सीट से पार्टी की प्रत्याशी किरन यादव को इस जनसभा से बसपा नेता एवं उच्च शिक्षा आयोग के पूर्व सदस्य नीरज मिश्रा का साथ मिल गया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। उनसे अपनी नजदीकियां भी बयां की। प्रोफेसर मिश्रा ने इस दौरान अपने पांच हजार समर्थकों की सूची भी सौंपी। इसी तरह भरगैन के अहमद नफीश ने भी अपने समर्थकों के साथ सपा का दामन थाम लिया। पूर्व में बसपा ने उनके बेटे अहमद हुसैन को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन बाद में टिकट काट दिया गया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कासगंज से हसरत को परिवहन मानपाल सिंह का टिकट काटकर प्रत्याशी बनाया है। इससे राज्यमंत्री मानपाल नाराज थे। मुख्यमंत्री ने जनसभा में एलान किया कि सरकार बनने पर मानपाल सिंह को और मान-सम्मान मिलेगा। वहीं सियासत की पुरानी जोड़ी सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व सांसद देवेंद्र यादव और पूर्व विदेश राज्यमंत्री सलीम शेरवानी फिर एक साथ मंच पर दिखे। बता दे कि देवेंद्र, शेरवानी को अपना सियासी गुरु मानते हैं, लेकिन अलग पार्टियों में होने के कारण यह जोड़ी एक मंच पर नहीं दिखती थी। गठबंधन से यह जोड़ी साथ-साथ दिखी।