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आंख में टीबी का जिले में मिला पहला केस

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एटा। शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से आंख में टीबी मिलने का पहला केस जिले में मिला है। मरीज शहर के ही एक मोहल्ले का रहने वाला है। अलीगढ़ में कराई गई जांचों में पुष्टि हुई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पहली बार आंख में टीबी का मरीज सामने आया है। मरीज शहर के एक मोहल्ला का 50 वर्षीय व्यापारी है, इसको लेकर काफी गंभीरता बरती जा है। उपचार शुरू कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि शुरूआत में मरीज की आंख में दर्द और रोशनी कम होने लगी, बाद में उसे बुखार आने लगा। करीब दो सप्ताह तक बुखार व दर्द बना रहा। तब मरीज ने आंखों के चिकित्सक से संपर्क किया। शक होने पर जिला क्षय रोग केंद्र भेजा गया, प्राथमिक जांच में टीबी के संकेत मिले। तब आगे की जांचें जेएनएम कॉलेज एवं नोडल टीबी सेंटर अलीगढ़ में कराई गईं। यहां पूरी तरह से आंख में टीबी होने की पुष्टि हुई। मरीज को नौ से 18 महीने तक का दवाओं का कोर्स लेना होगा।
डीटीओ का कहना है कि क्षय रोग (टीबी) एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जिसका कीटाणु फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित करता है। टीबी बैक्टीरिया सबसे पहले फेफड़ों पर अटैक करता है। इसके बाद शरीर के कमजोर अंगों को शिकार बनाता है। यह रोग होने पर काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। खांसते और छींकते समय विशेष ध्यान रखा जाए ताकि बैक्टीरिया दूसरे किसी व्यक्ति को प्रभावित न करें।
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टीबी के होते हैं छह लक्षण
टीबी के छह लक्षण होते हैं, इनमें खांसी, बुखार, सीने में दर्द, बलगम से खून आना, वजन में कमी व भूख न लगना शामिल है। यह लक्षण अगर दो सप्ताह तक रहते हैं तो टीबी के होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकों की सलाह लेना जरूरी है।
इन अंगों में टीबी होने के मिल चुके हैं मरीज
डीटीओ ने बताया कि टीबी के 80 फीसदी मरीज फेफड़ों से संबंधित मिले हैं। जबकि जिला क्षय रोग केंद्र में हड्डी, कमर, आंत, दिमाग में भी टीबी के मरीज मिल चुके हैं। हड्डी में 10 फीसदी, आंत और दिमाग में पांच-पांच फीसदी और गांठों में तीन फीसदी टीबी होने की आशंका होती है।
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