अलीगंज। बहुचर्चित आशीष हत्याकांड के खुलासे से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। परिजन का आरोप है कि आशीष की हत्या किए जाने के समय तीन लोग थे, जबकि पुलिस की कहानी में सिर्फ एक युवक ने गोली मारकर हत्या की। परिजन की शिकायत पर सांसद मुकेश राजपूत ने प्रशासन और पुलिस से फिर नए सिरे से जांच करने को कहा है।
फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजूपत क्षेत्र के गांव साडरपुर में हुए म्रतक आशीष के परिजन से बुधवार को मिलने पहुंचे। यहां पर परिजन ने कहा पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस की कहानी के अनुसार हत्याकांड में सिर्फ एक युवक शामिल था। मृतक की दिव्यांग पत्नी ने सांसद को बताया उसकी आंखों के सामने उसके पति की हत्या की गई थी। दो युवक ने उसके पति के हाथ पकड़े थे और तीसरे युवक ने गोली मारी थी।
अंधेरे में वह हमलावरों को पहचान नहीं सकी थी। परिजन की बात सुनकर सांसद ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर घटना की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा जेल भेजे गए आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस को इस मामले में नए सिरे से पूछताछ करनी चाहिए। सांसद ने कहा आशीष के शरीर में एक गोली मिलने के आधार पर सिर्फ एक युवक को आरोपी बनाना उचित नहीं है। आशीष को भले एक गोली मारी गई, लेकिन हत्या में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, ऐसे में पुन: जांच करते हुए सभी आरोपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए।
9 जून की रात को हुई थी आशीष की हत्या
9 जून की रात को आशीष दिव्यांग पत्नी को शौच कराने खेत ले गया था। लौटते समय तीन युवकों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। 20 जून का पुलिस ने खुलासा करते हुए पड़ोसी गांव के एक युवक को हत्या के आरोप में जेल भेजा है।