मोक्षधाम पर लोगों ने मृतक के परिजनों से संपर्क साधा। उन्हें अंतिम संस्कार के लिए आने को कहा, लेकिन परिजनों ने असमर्थता जता दी। इसके बाद समिति पदाधिकारियों ने अंतिम संस्कार करा दिया।
कुछ लोगों की मौत के बाद अपने भी साथ छोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही मंगलवार को एटा में मोक्षधाम पर देखने को मिला। एक वृद्ध की मौत होने पर किसी परिचित ने शव को मोक्षधाम पर पहुंचा दिया लेकिन अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन नहीं पहुंचा। बाद में संस्कार मानव सेवा समिति ने अंतिम संस्कार किया।
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शहर के मोहल्ला शांति नगर निवासी ग्रीश चंद्र (60) का मकान कई साल पहले बिक गया। इसके बाद वह पीपल अड्डा स्थित एक मकान में किराए पर रहने लगे। किसी हलवाई की दुकान पर मजदूरी करते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वह बीमार भी रहते थे। मंगलवार सुबह उनकी मृत्यु हाे गई। उनके परिचित एक अधिवक्ता ने शव को रिक्शे में रखकर मालगोदाम रोड स्थित मोक्षधाम पर पहुंचा दिया और चले गए।
संस्कार मानव सेवा समिति के पदाधिकारी सूचना पर वहां पहुंचे। अध्यक्ष अमित चौहान सराफ ने बताया कि ग्रीश चंद्र के परिजन से फोन पर संपर्क किया गया। पहले आने के लिए कहा। डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद कोई नहीं आया तो फोन किया, फिर आने में असमर्थता जता दी। इसके बाद समिति ने शव का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से कराया।