एटा। आसमान में शनिवार की सुबह से बादल छा गए। तेज हवा चलने के साथ बूंदाबांदी हुई तो किसानों के दिल की धड़कन बढ़ गई। बूंदाबांदी हल्की रही, लेकिन इससे किसान सचेत हो गया है। फसल को खेत से जल्द से जल्द सुरक्षित घर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। वह चिंता में हैं कि कहीं बारिश से पकी हुई फसल खराब न हो जाए।
क्षेत्र में सबसे अधिक पैदावार तंबाकू, सरसों और गेहूं की है। तीनों फसल का अंतिम समय है। तंबाकू के पत्ते बड़े हो चुके हैं। अधिकांश सरसों कट चुकी है। लेकिन उपज खेत में ही है। गेहूं की फसल की कटाई की तैयारी चल रही है। तंबाकू की भी अंतिम दौर में है। किसानों ने बताया कि तंबाकू के पत्ते पर पानी की बूंद पड़ने से वो पीला पड़ जाता है। पत्ता पीला होने पर खराब हो जाता है। अधिक बारिश होने पर काला पड़ जाता है और नष्ट हो जाता है। बूंदाबांदी के साथ तेज हवा भी फसल को नुकसान पहुंचाती है। तेज हवा के दवाब से फसल की जड़ें कमजोर होने से पैदावार प्रभाावित होती है।
बताया कि सरसों की फसल कटने के बाद खेत में ढेर लगे हैं। ऐसे में पानी की बूंद पड़ने पर सरसों का दाना काला पड़ जाता है। इसी तरह पानी की बूंद पड़ने पर गेहूं का दाना भी खराब हो जाता है। बेमौसम जरा सी भी बूंदाबांदी किसान के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। इसलिए वह तनाव में हैं।