एटा। अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव झकरई में एक मजदूर बोरवेल में सफाई करने उतरा। इस काम के लिए 800 रुपये तय किए गए थे, लेकिन नीचे जाकर जहरीली गैस के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
गांव झकरई निवासी श्यामलाल ने बताया कि भाई भैयालाल (38) मजदूरी करते थे। रविवार को गांव के ही अजय कुमार के खेत पर बोरवेल में कमी आने पर सफाई करने गए थे। इसके लिए 800 रुपये तय किए गए। वहां लगभग 30 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में उनको रस्सी के सहारे उतारा गया। सफाई के बाद वहां मौजूद लोगों ने कहा कि नीचे जाकर इसका पंखा (पंप) भी निकाल लाओ, शायद उसमें कोई कमी होगी। भैयालाल दूसरी बार बोरवेल में उतरे, लेकिन वहां जहरीली गैस की वजह से उनकी सांस थम गईं और ऊपर नहीं आ सके। श्यामलाल का आरोप है कि इन लोगों ने भाई को बताया नहीं कि बोरवेल के गड्ढे में एक दिन पहले ही सांप आदि भगाने के लिए जहरीली दवा डाली थी, जो कि भाई के लिए काल बन गई।
बचाव के लिए उतरे पुलिस आरक्षी भी होने लगा बेहोश, बुलाई दमकल की टीम
अलीगंज थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मजदूर के बोरवेल से निकालने के लिए एक आरक्षी को नीचे उतारा गया, लेकिन अंदर जहरीली गैस के प्रभाव से वह भी बेहोश होने लगा। जिस पर आरक्षी को बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा गया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। उन लोगों ने बोरवेल के गड्ढे में पानी भरा। इससे गैस का प्रभाव खत्म हुआ और भैयालाल के शव को निकाला जा सका। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया है।