एटा। निर्माण सामग्री के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। लोहे की सरिया से लेकर सीमेंट, मोरंग, गिट्टी आदि सभी कुछ महंगा हुआ है। जिसके चलते अब आशियाना बनाना और महंगा हो गया है। एक हजार वर्गफुट का मकान बनवाने की लागत में दो से तीन लाख रुपये तक की बढ़ोतरी छह महीने में हुई है।
छह महीने से निर्माण सामग्री में लगातार इजाफा हो रहा है। अक्तूबर में सरिया की कीमत 5200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर 8000 रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि मार्च में यह 8500 का आंकड़ा भी छू चुकी है।
इसके अलावा सीमेंट पर 40 रुपये प्रति बोरी बढ़ गए हैं। केवल चंबल छोड़कर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री के दाम बढ़े हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। संबंधित व्यापारियों के मुताबिक थोक के दाम महंगे होने से फुटकर पर भी असर पड़ा है। इन दिनों डीजल महंगा होने से भाड़ा अधिक लग रहा है, इससे भी कीमत बढ़ी हैं।
गंजडुंडवारा रोड पर सरिया, सीमेंट विक्रेता एसएस कुशवाह बताते हैं कि कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने दीपावली से पहले मकान बनवाना शुरू किया। लेकिन अचानक सरिया व सीमेंट के दाम बढ़ने से काम रोक दिया। वहीं ठेकेदार किशनवीर सिंह बताते हैं कि दीपावली से पहले तक एक हजार वर्गफुट का एक औसत मकान करीब 10 लाख रुपये में तैयार हो रहा था। अब इस पर खर्चा 12 से 13 लाख रुपये आ रहा है।
सरिया और सीमेंट में छह महीनों के दरम्यान लगातार वृद्धि हुई है। सरिया अक्तूबर में 52 रुपये प्रति किलो थी जो अब अस्सी रुपये किलो है। वस्तुएं महंगी होने से निर्माण कार्य और मांग पर भी असर है।
राहुल यादव, विक्रेता
घर बनवा रहा हूं। पहली मंजिल करीब आठ महीने पहले बनवा ली थी। उस समय सरिया 50 से भी कम थी, अब दूसरी मंजिल के लिए 80 रुपये लेनी पड़ रही है। सीमेंट, गिट्टी, मोरंग भी पहले के मुकाबले महंगी हुई है।
देवेंद्र सिंह, नगला दयाराम