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चुनाव के लिए मांगा 80 कंपनी अर्द्धसैनिक बल

Mon, 09 Jan 2017 12:10 AM IST
Amar Ujala
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अर्द्धसैनिक बल - फोटो : Amar Ujala
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चुनाव में उपद्रवियों से निपटने के लिए आयोग और जिला प्रशासन मतदान केंद्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में लगा है। पंचायत चुनाव में हुई हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने इस बार 80 कंपनी अर्द्धसैनिक बल की  मांग की है, जो पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले दोगुना है। जिले में अभी बीएसएफ की एक कंपनी ने डेरा डाल रखा है।  
पंचायत चुनाव में यहां मतपत्रों-मतपेटियों की लूट, आगजनी, हत्या, जानलेवा हमला, फायरिंग जैसी घटनाएं हुईं थीं। इस कारण कई बूथों पर पुर्नमतदान कराना पड़ा था। पंचायत चुनाव की हिंसा और खुफिया इनपुट के आधार पर एसएसपी राजेश कृष्ण ने इस बार विधानसभा चुनाव के लिए केंद्र सरकार से 80 कंपनी अर्द्धसैनिक बल मांगा है। इसके अलावा पुलिस और पीएसी बल अलग से होगा। बता दें कि 2012 के विधानसभा चुनाव में जिला प्रशासन ने सिर्फ 40 कंपनी अर्द्धसैनिक बल की डिमांड की थी। पर जिले को 32 कंपनी अद्धसैनिक उपलब्ध कराया गया था। खुफिया इनपुट के आधार पर माना जा रहा है कि आयोग ने इस बार भारी मात्रा में अर्द्धसैनिक बल तैनात कर शांतिपूर्ण चुनाव कराने का फैसला किया है।
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वीवीपेट ईवीएम में शुमार नहीं हुआ जनपद
आयोग ने तीस जिलों में मशीन लगाने का किया फैसला
मशीन न लगने पर मतदाता नहीं जान पाएंगे वोट की स्थिति

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रयोग होने जा रही वीवीपेट ईवीएम के लिए जनपद को शामिल नहीं किया है। ऐसे में मतदाता का वोट सही पड़ा या नहीं, यह जानने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा।
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वीवीपेट ईवीएम को इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन आफ इंडिया ने तैयार किया है। यह मतदान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के हिसाब से तैयार की गई है। वोटर यह देख सकता है कि उसने जो वोट दिया, वह किसे पड़ा। ऐसे में  आरोप-प्रत्यारोप की गुजाइश नहीं रह जाती है। इस मशीन में वोट डालने के साथ ही एक पर्ची सात सेकेंड के लिए स्क्रीन पर आती है, जिसके माध्यम से मतदाता कोे अपने द्वारा दिए गए वोट के बारे में जानकारी मिल जाती है। इसके बाद पर्ची मशीन में बने बॅक्स में गिर जाती है। पर्ची मतदाता ले नहीं जा सकता है। यह पर्ची मतगणना के दौरान बड़ी भूमिका निभा सकती है। पहले जनपद की किसी एक विधानसभा क्षेत्र में इस मशीन के लगाने की चर्चा चल रही थी, लेकिन इस बार जिले को इसमें शामिल नहीं किया है।
क्या हैं खूबियां
- मतदान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाती है।
- मतदाता जान सकता है कि उसका वोट किसको पड़ा।
- वोटिंग पर्ची के कारण आरोप-प्रत्यारोप की गुजाइश नहीं रह जाती है
- पर्ची मतगणना के दौरान बड़ी भूमिका निभा सकती है।

 
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