चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के साथ मौजूद बच्चा और उसके माता पिता। स्रोत चाइल्ड हेल्पलाइन
एटा। थाना रिजोर क्षेत्र के गांव रजकोट निवासी राजेश कुमार के यहां बाल मजदूरी करते हुए बच्चे को मंगलवार को उसके माता पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पांच साल बाद बच्चा जब अपने माता पिता से मिला तो वह बिलख कर रो उठा।
चाइल्ड हेल्पलाइन लाइन प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि हरमन सिंह पुत्र नितिन कुमार (13) निवासी पीलागढ़ी पंजाब पांच साल पहले अपने नाना और मौसी के साथ बाबा बालकनाथ तीर्थयात्रा पर गया था। दिल्ली स्टेशन पर उसके नाना ट्रेन में सो गए। इस दौरान उसकी मौसी ने उसे चाऊमीन खाने के लिए रुपये दिए।
वह अकेला स्टेशन से बाहर आया। इसी दौरान किसी ने उसे नमकीन खिला दी और वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो वह दिल्ली के एक मिठाई दुकान पर था। वहां पर खड़ीत के सुधीश उसे अपने घर ले आए। यहां उसने उसे स्कूल में पढ़ाया। लेकिन सुधीश की पत्नी उसको प्रताड़ित करती थी।
यहां तक खाना भी नहीं देती थी। बुधवार को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बच्चे का रेस्क्यू किया। मंगलवार को इसके माता पिता उसे लेने के लिए आए। माता पिता को देखकर वह बिलख कर रो पड़ा। उन्होंने बताया कि बच्चे को उसके माता पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।