अलीगंज। बार एसोसिएशन का शीतयुद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। 12 जनवरी को हुए बार चुनाव को चुनौती देते हुए दूसरे गुट की ओर से चुनाव घोषित किए जाने पर अधिवक्ताओं में खलबली मच गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बार के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य ने अधिवक्ता रामेंद्र पाल पांडेय, केशव सिंह और जानकी प्रसाद वर्मा को नोटिस जारी किया है। इसमें 24 घंटे मे जवाब देने को कहा गया है। जवाब न देने पर राज्य विधिक परिषद प्रयागराज को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी गई है।
गत वर्ष दिसंबर माह में बार के पूर्व उपाध्यक्ष केपी सिंह यादव को बार रूम की चाबी न देने पर बार के पूर्व अध्यक्ष शेषकुमार तिवारी में शीतयुद्ध छिड़ गया था। इसके बाद बार रूम पर केपी सिंह यादव ने ताले पर ताला जड़ दिया था। बैठक कर केपी सिंह यादव ने नई एल्डर्स कमेटी का गठन करते हुए बार के चुनाव की घोषणा करा दी। जनवरी माह में हुए बार एसोसिएशन के चुनाव में महेंद्र सिंह शाक्य अध्यक्ष, वेदप्रकाश यादव सचिव सहित सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए थे।
निर्विरोध निर्वाचित हुए सभी पदाधिकारियों को 13 जनवरी को शपथ दिलाई गई। इसके बाद पूर्व की कमेटी के चुनाव अधिकारी रामेंद्र पाल पांडेय, केशव सिंह, जानकी प्रसाद ने पुन: चुनाव घोषित कर दिया। इसके तहत सोमवार को नामांकन प्रक्रिया में अनेक अधिवक्ताओं ने नामांकन किए। इस चुनाव को चुनौती देते हुए बार के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य ने पहले की टीम के तीनों चुनाव अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।
25 दिन बाद दूसरे चुनाव की घोषणा होने पर तहसील के अधिवक्ताओं की गुटबाजी चरम पर है, पुन: घोषित चुनाव के लिए छह फरवरी को मतदान होना है। इसमें अध्यक्ष और सचिव पद पर दो-दो अधिवक्ताओं ने नामांकन किया है। अधिवक्ताओं के दोनों गुट में शीतयुद्ध लगातार बढ़ने पर टकराव की स्थिति बनती जा रही है। गुटबाजी को गंभीरता से लेते हुए कुछ अधिवक्ताओं ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है।