एटा। एटा-कासगंज मार्ग पर गांव सिरसा टिप्पू में सड़क किनारे खड़े चार शीशम और एक नीम का पेड़ दबंगों ने काट डाला। पिछले तीन दिन से कटे हुए पेड़ मौके पर पड़े हुए हैं। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने क्षेत्रीय रेंजर को दी, पर वह तीन दिन बीतने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। इस पर ग्रामीणों ने मामले में वन विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है।
एटा-कासगंज मार्ग पर एटा से करीब 12 किलोमीटर आगे गांव सिरसा टिप्पू बसा है। इसी गांव के समीप से करवन नदी का पुल गुजरता है। पुल के समीप सड़क किनारे लगे वर्षों पुराने करीब चार शीशम और एक नीम का पेड़ गांव के दो दबंगों ने तीन दिन पूर्व काट दिया। ग्रामीणों को जब सड़क किनारे कटे हुए पेड़ों की जानकारी हुई तो उन्होंने क्षेत्र के वन रेंजर को इसकी जानकारी दी।
ग्रामीण प्रवीन प्रताप ने बताया कि वन रेंजर अधिकारी शिकायत के तीन दिन बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से सरकारी भूमि पर लगे पेड़ों को काटा जा रहा है। वहीं विभाग इंतजार कर रहा है कि कटे हुए पेड़ मौके से उठ जाएं और कोई कार्रवाई न हो पाए।
लगभग चार से पांच लाख रुपये के होंगे पेड़
शीशम और नीम के पेड़ लगभग बीस से तीस वर्ष पुराने हैं। नगर पालिका द्वारा गत दिनों पालिका प्रांगण में एक शीशम का पेड़ कटवाया गया था, वन विभाग ने इसकी कीमत करीब एक लाख 11 हजार रुपये के आसपास आंकी थी, इसके अनुसार चारों शीशम के पेड़ और एक नीम पेड़ की कीमत लगभग चार से पांच लाख रुपये बैठेगी।
सिरसा टिप्पू में वन विभाग की नर्सरी है, वहां हर वक्त अधिकारी तैनात रहते हैं, इसके बावजूद दबंगों ने पेड़ काट दिए हैं तो यह गंभीर बात है। वन रेंजर अधिकारी भी अब तक शिकायत के बाद मौके पर क्यों नहीं पहुंचे हैं, पूरे मामले की जानकारी कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश पांडेय, जिला वानिकी अधिकारी