मोहल्ला कैलाशगंज स्थित तालाब को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के नेता एक मंच पर आ गए। दोपहर तीन बजे बैठक कर न्यायालय की शरण लेने व मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया गया। साथ ही तालाब को भू-माफिया से मुक्त कराने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन भी किया गया है। आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासन भू-माफिया पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।
रविवार सुबह करीब 10 बजे कैलाशगंज स्थित तालाब पर कुछ लोग मिट्टी डलवा रहे थे, जिनके साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट कर दी थी। जानकारी पर पहुंची पुलिस दो लोगों को थाने ले आई थी। वहीं जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता सहित कई लोग थाने पहुंच गए थे, दोनों को छुड़ाने के लिए हंगामा काटा था। इस दौरान लोगों की पुलिस से नोकझोंक तक हो गई थी। बाद में आक्रोशित लोग दोनों को थाने से छुड़ा ले गए थे और धरना पर भी बैठ गए थे।
मंगलवार को इसी विवाद के संबंध में दोपहर तीन बजे बैठक हुई। इसमें सैकड़ों लोग मौजूद थे।
बैठक में संघर्ष समिति बनाई गई जो तालाब पर कब्जे रोकने को संघर्ष करेगी। समिति संघर्ष के संरक्षक सतीश चंद्र व अध्यक्ष महेश चंद्र वर्मा को बनाया गया। समिति में कांग्रेस नेता प्रमोद गुप्ता, भाजपा नेता पंकज गुप्ता, ग्रीश गुप्ता, विक्रांत माधौरिया, श्यामपाल सोलंकी, संतोष, कन्हैया लाल कुशवाह, गौरव गुप्ता, हेमंत पांडेय, संदीप जैन को भी रखा गया है। लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन भू-माफिया के इशारे पर काम कर रहा है। पुलिस स्थानीय लोगों की सुनने के बजाय भू-माफिया का साथ दे रही है। बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने मंदिर, तालाब के साज-सज्जा को लेकर करोड़ों का प्रस्ताव भी भेजा था। चेतावनी दी कि जल्द ही प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे। साथ कोर्ट में जाएंगे।
शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में कब्जा करने की पुष्टि होती है तो सख्त कार्रवाई होगी।
-करन सिंह, सीओ सिटी