महंगाई की मार ने सीमित आय वाले लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। भोजन में जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता है वे पोषक तत्व लोगों को नहीं मिल पाते। पोषक तत्वों की कमी से सेहत पर भी इसका असर पड़ रहा है।
सामान्य पुरुषों को 2400 और महिलाओं को 2200 कैलोरी भोजन की आवश्यकता होती है लेकिन उन्हें 1500 कैलोरी भी भोजन से नसीब नहीं हो पा रहा है। महंगाई की मार से बच्चे और यूथ कुपोषित हो रहे हैं। महीने में शायद ही कोई दिन हो जब उन्हें संतुलित आहार मिल पाता हो। महंगाई ने भोजन की थाली से पोषक तत्वों को कम कर दिया है। जिन खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं और जो सेहत को बनाने के साथ ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं वे खाद्य पदार्थ आज थाली से दूर हो चले है।
देश में प्रति व्यक्ति प्रति माह औसतन आय 5729 रुपये है। इतनी कम आमदनी में परिवार को संतुलित आहार दे पाना आज की महंगाई में संभव नहीं है। शरीर का पोषण करने वाली दालें व सब्जी की मात्रा थाली से घट चुकी है। दालें बाजार में 100 रुपये किलो से 160 रुपये किलो तक बिक रही है। सब्जी भी काफी महंगी है। 20 रुपये से लेकर 60- रुपये किलो तक सब्जियों के भाव है। जबकि दूध 50 रुपये किलो तक बिक रहा है। फल भी काफी महंगे हैं। देशी घी एवं ड्राई फ्रूट के दाम तो आसमान पर है।
औसत व्यक्ति की खुराक
चार चपाती 75 ग्राम, चावल 100 ग्राम, दाल 150 ग्राम, सब्जी 150 ग्राम, दही 100 ग्राम, सलाद 100 ग्राम, मीठा 50 ग्राम, पनीर या सोयाबीन 50 ग्राम।
इतनी कैलोरी आवश्यक
भोजन में कैलोरी
आयु लड़का लड़की
7-9 2000 1800
10-12 2100 1900
13-15 2450 2000
16-18 2600 2100
शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए
पुरुष 3800 कैलोरी
महिला 3200 कैलोरी
गर्भवती 2500 कैलोरी
प्रसव के बाद 2800 कैलोरी
थाली में पोषक तत्वों का काफी महत्व है। इसे वह अच्छी तरह से जानते हैं, लेकिन महंगाई ने थाली पर असर डाला है। पहले भोजन में पेट भरने की आवश्यकता होती, इसके बाद पोषक तत्व के बारे में सोचा जा सकता है। महंगाई की वजह से फल, दूध, देशी घी, ड्राईफ्रूट खा पाना आम आदमी के लिए मुश्किल है। -मेवाराम निवासी कासगंज
भोजन में पोषक तत्वों की कमी का सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कम आयु में पोषक तत्व न मिलने पर शरीर का समुचित विकास नहीं हो पाता। महिला और पुरुष में पोषक तत्वों की कमी से प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो जाती है। जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। - डा. सत्य सिंह मुख्य चिकित्साधिकारी कासगंज