टेंपो चालक क्षमता से अधिक बच्चों को बिठा रहे हैं। जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। लेकिन उनकी सुरक्षा पर किसी का ध्यान नहीं है।
पिछले दिनों एक टेंपो के पलटने से छात्र छात्राएं घायल हो गए थे, लेकिन इसके बाद भी सबक नहीं लिया गया। टेंपो में क्षमता से ज्यादा छात्रों को बिठाया जा रहा है। बच्चे वाहनों की खिड़कियां के बाहर लटकते हैं। कुछ स्कूली वाहन तो गैस सिलेंडर से संचालित होते हैं, जिनसे हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
एसडीएम परवेज अहमद ने बताया कि स्कूल प्रबंधक और अभिभावक इस ओर ध्यान दें। वहीं गैस सिलेंडर से चलने वाहनों को चेकिंग की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।