एटा। स्कूल जाते समय एक किशोरी को युवक अपहृत कर ले गया। राजस्थान में 18 दिन एक कमरे में बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म करता रहा। मामले में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विकास गुप्ता ने फैसला सुनाया। दोषी लवी उर्फ जुगनू निवासी स्वर्णपुरी कोतवाली नगर को 10 साल की कैद का दंडादेश दिया है।
पीड़िता के पिता ने कोतवाली नगर में करीब छह साल पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 30 जनवरी 2019 को 15 वर्षीय बेटी स्कूल के लिए गई थी। उस समय वह 11वीं की छात्रा थी। लेकिन दोपहर तक लौटकर नहीं आए। तलाश और पूछताछ में पता लगा कि लवी उसको बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद दोनों की तलाश शुरू कर दी। 18 दिन बाद दोनों को ढूंढ़ निकाला। अदालत में मुकदमे के दौरान पीड़िता ने बताया कि लवी स्कूल के पास कार में खड़ा था। उसने इशारा कर बुलाया।
बताया कि जब वह पास में गई तो मुंह पर रूमाल रख दिया, इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद होश आया तो वह राजस्थान के शहर जयपुर स्थित एक कमरे में बंद थी। वहां लवी ने उसे 18 दिन रखा, मारता-पीटता और बुरा काम करता था। अदालत ने लवी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। इसमें से 75 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी।