एटा। सुप्रीम कोर्ट के शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आदेश को लेकर शिक्षकों में रोष व्याप्त है। आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को जनेश्वर मिश्र सभागार में बैठक की गई। बैठक में शुक्रवार को दोपहर तीन बजे कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर धरना देने और मुख्यमंत्री व मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह को सौंपने का निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि यह नियम साल 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति के समय लागू अर्हता एवं सेवा शर्तों के विरुद्ध है। 20 से 30 वर्ष की लंबी सेवा के उपरांत बीच में इस तरह के अव्यवहारिक आदेश लागू करना न्याय संगत नहीं है। आदेश के लागू होने से जनपद के शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
इस मौके पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रवीण फौजी, प्रांतीय संगठन मंत्री लोकपाल सिंह यादव, प्रांतीय मंत्री वीरपाल सिंह जाटव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह दिनकर, प्रदीप गौतम, वरिष्ठ शिक्षक नेता अभिलाष सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह यादव, मनोज यादव, शिल्पी मिश्रा, संगीता रानी आदि शिक्षक मौजूद रहे।