एटा। शासन के निर्देशों के बाद खाद-बीज की दुकानों पर गत दो माह से चल रही छापेमार कार्रवाई का असर मिलाजुला रही। कृषि विभाग को छापेमारी कार्रवाई के दौरान जिले में 200 उर्वरक व 200 बीज के नमूने लेने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष विभाग द्वारा अब तक 162 उर्वरक व 140 बीज के नमूने ही लिए गए।
हालांकि विभाग द्वारा लिए नमूनों में कुछ नमूने फेल भी हुए हैं। जो जिले में हो रही खादबीज की कालाबाजारी को प्रमाणित कर रहे हैं। प्रयोगशाला में फेल हुए नमूनों से संबंधित दुकानदारों पर विभाग ने लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की है। तो कुछ को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुए हैं।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक के अब तक 15 नमूने फेल हो चुके हैं। इस पर कृषि विभाग ने 11 संबंधित दुकानों के लाइसेंस निरस्त करते हुए कार्रवाई की है, वहीं चार को नोटिस भेजा है। इसके अलावा बीज के भी दो नमूने फेल हुए हैं, जिसमें एक दुकान का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका हैं, तो वहीं दूसरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बता दें कि गत दो माह से कृषि प्रमुख सचिव के निर्देशन में जिले भर में खाद बीज की दुकानों पर छापेमार कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत जिले के तीनों एसडीएम के नेतृत्व में भी खाद बीज की दुकानों पर छापेमारे गए। इस दौरान छापेमार के लिए गठित की गई टीम ने उर्वरक में डीएपी व सूक्ष्म तत्वों के नमूने लिए। विभाग के अनुसार यूरिया के नमूने कम लिए जाते हैं। लक्ष्य के सापेक्ष नमूने न लिए जाने पर विभाग का कहना है कि अभी खाद बीज की दुकानों पर छापेमार अभियान जारी रहेगा। लेकिन, अब खाद बीज की दुकानों पर डीएपी व सूक्ष्म तत्वों के उर्वरक नहीं हैं, तो ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष नमूने लेना मुश्किल भी रहेगा।
आगे भी खादबीज की दुकानों पर छापेमार कार्रवाई की जाएगी। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबधित दुकानदारों के खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की है और कुछ को कारण बताओ नोटिस जारी जारी किया गया है।
-- डॉ. सर्वेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी, एटा।