भगवान राम का तीर लगते ही बुराई का प्रतीक दशानन धू-धूकर जल उठा। रंगीन आतिशबाजी और पटाखों की आवाज से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा और फजां में श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। मंगलवार को विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सैनिक पड़ाव में चल रहे रामलीला महोत्सव में बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। वहीं रामलीला मैदान में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।
शहर में मंगलवार को विजयादशमी पर्व पर सैनिक पड़ाव में जन सैलाब उमड़ पड़ा। रावण का पुतला दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। शाम को रामलीला के मंच पर राम-रावण युद्ध की लीला का मंचन हुआ। भगवान राम अपने रथ पर सवार होकर हाथ में धनुष लेकर बुराई के प्रतीक का संहार करने पहुंचे। भगवान राम ने जैसे ही अहंकार के प्रतीक रावण पर तीर छोड़ा तो पुतला धू-धूकर जल उठा तो रामलीला मैदान श्रीराम के जायकारों और तालियां से गूंज उठा। आसमान में आतिशबाजी नजारे दिखाई दिए। डीएम शंभूनाथ, एसएसपी एएस राय, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने भगवान श्रीराम का तिलक किया। आसमां में आतिशबाजी के रंगीन नजारे देखने को मिले। पुतला दहन के बाद दर्शकों ने मेले का आनंद लिया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष शशिवेंद्र पाल सिंह, अनिल शर्मा वैरागी, दीपांकर सिंह एडवोकेट, नलिन राज गुप्ता, स्वयंप्रकाश गौड, उमाशंकर गिरि, दिनेश उपाध्याय, ग्रीशमिश्रा, नीरज गुप्ता, गोविंद, अतुल महाजन, निखिल चौधरी मौजूद रहे।
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काली अखाड़ों ने मोहा मन
दशहरा पर्व के दौरान काली अखाड़ों ने अपने हैरत अंगेज करतब दिखाए। इससे दर्शक खूब रोमांचित हुए। काली अखाड़ों ने तलवार बाजी का प्रदर्शन कर लोगों का मन मोहा।
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गली मोहल्लों में हुआ पुतला दहन
एटा/सकीट। रामलीला मैदान के अलावा जिले के गली मोहल्लों में बच्चों ने रावण का पुतला बनाकर बुराइयों का दहन किया। शहर के साथ-साथ सकीट के मोहल्ला कटरा में बच्चों ने रावण का पुतला बनाया। इस मौके पर आर्यन वार्ष्णेय, मोहित वार्ष्णेय, आकाश वार्ष्णेय, राहुल वार्ष्णेय, गोविंदा, लवी वार्ष्णेय, भूमि वार्ष्णेय, चारू, दर्शिका, अंशिका, हर्ष समेत तमाम बच्चे मौजूद रहे।