गर्मी के तेवर कड़े होते जा रहे हैं। सोमवार को भी पारा 39 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। लोग थोड़ी देर भी चिलचिलाती धूप को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। लगातार बढ़ी रही गर्मी की वजह से लोग मौसम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। तो तेज धूप की वजह से हरी सब्जियों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिसके लिए कृषि विशेषज्ञ खेतों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दे रहे हैं।
जिले का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। सोमवार सुबह से तेज धूप खिली रही और गर्म हवाएं चलती रही। मौसम जानकार अप्रैल के अंत तक ही तापमान 45 डिग्री पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं। शहर में जूस और अन्य पेय पदार्थों की दुकानों पर कतार लगने लगी है।
मौसम में आए बदलाव का असर सेहत पर दिखाई दे रहा है। अस्पताल में डीवीडी (डायरिया वोमिटिंग डिहाइड्रेशन) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में हर रोज डीवीडी के 20-25 मरीज आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी उल्टी दस्त के मरीजों की भरमार है। डा. पवन मिश्रा ने बताया कि बदलते मौसम में खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। दूषित पानी के कारण ज्यादातर लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत हो रही हैं। पानी को उबालकर और फिर उसे ठंडा कर पीना चाहिए।
इस मौसम में होने वाले टमाटर, लौकी, तोरई, खीरा, ककड़ी पर आने वाले तेज धूप से मुरझाने लगे हैं। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को खेतों में लगातार हल्की सिंचाई करते रहने की सलाह दे रहे हैं। दूसरा खरबूज और तरबूज की फसलें भी अगले माह तक तैयार होने लगेंगी, लेकिन अभी से पड़ रही तेज गर्मी की वजह से इनके किसान भी चिंतित हैं।