जैथरा बाजार में खभों पर लगे बंद पड़े कैमरे। संवाद
एटा। नगर पंचायत जैथरा में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए लगाए गए लाखों रुपये के सीसीटीवी कैमरे अब क्रियाशील अवस्था में नहीं हैं। कंट्रोल रूम में लगी एलईडी से लेकर नगर के विभिन्न चौराहों पर लगाए गए कैमरे महीनों से बंद पड़े हैं। कारण इंटरनेट सुविधा के लिए लगाए गए वाई-फाई का रिचार्ज न होना है। अनदेखी से सुरक्षा पर लगा यह बड़ा बजट बेअसर हो रहा है। ऐसे में विभाग पुरानी पद्धति से ही सुरक्षा व्यवस्था को बहाल करने का प्रयास कर रहा है।
कस्बा के नेहरू नगर तिराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार तिराहा, बारहद्वारी मंदिर परिसर, पुराना अस्पताल चौराहा, वरना तिराहा सहित कुल 17 कैमरों को वर्ष 2024 में तत्कालीन एसएसपी उदय शंकर सिंह की पहल पर स्थापित कराया गया था। पुलिस की मदद से रणनीतिक स्थान चिह्नित किए गए थे जिससे अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। लेकिन पिछले कई महीनों से अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। न तो रिकॉर्डिंग हो रही है न ही लाइव निगरानी। कई कैमरों के लेंस पर धूल की मोटी परत जम चुकी है वहीं नेहरू नगर तिराहे से एक कैमरा तक गायब है। कई कैमरों का एंगल भी गलत दिशा में घूम चुका है जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं।
महिला से लूट के प्रयास में पुलिस को नहीं मिली फुटेज
बुधवार रात कस्बे में एक महिला से लूट के प्रयास की घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस को नगर पंचायत कैमरों की फुटेज की आवश्यकता पड़ी, लेकिन अधिकतर कैमरे बंद मिले। इससे जांच टीम को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि कैमरे लगने के बाद अपराधों में गिरावट आई थी। अब पूरा निगरानी सिस्टम ठप पड़ गया है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर पंचायत की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार सीसीटीवी सिस्टम को नियमित सर्विसिंग एवं मॉनिटरिंग की आवश्यकता होती है। एक बार सिस्टम बैठ जाए तो अपराधी निडर होकर वारदात को अंजाम देने लगते हैं। ऐसे में सुरक्षा पर खर्च किया गया सार्वजनिक धन पूरी तरह व्यर्थ साबित होता है।
वर्जन-
कस्बे में 17 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जो सीसीटीवी कैमरे वाईफाई से संचालित हैं। कैमरों का रिचार्ज समय-समय पर कराया जाता है। जो कैमरे बंद हैं उनकी जानकारी कराकर ठीक कराया जाएगा। - कृष्ण प्रताप, अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत