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Etah News: चटकीं दीवारें, जर्जर छत के नीचे पढ़ रहे विद्यार्थी

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शहर के प्राथमिक विद्यालय यूनिवर्सल 3 में बरामदे में छत पर हो रही सीलन। संवाद
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एटा। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की दशा-दिशा सुधारने के लिए लाखाें रुपये खर्च होने के बाद भी हालात खराब हैं। अलीगंज क्षेत्र के गांव गुनामई में बरामदे की छत का हिस्सा गिरने से बच्चे बाल-बाल बच गए। यही जर्जर स्थिति जिले के कई विद्यालयों में है। कहीं छत से प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं दीवारों में दरारे हैं। दीवारोंं से पानी रिसता है। अभिभावकों को बच्चों चिंता सताती रहती है।
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शहरी क्षेत्र के साथ देहात क्षेत्र में बने परिषदीय विद्यालय मरम्मत मांग रहे हैं। छतों से प्लास्टर छूट चुका है। लिंटर की गिट्टी और सरिया दिखाई देती हैं। बारिश में छत से पानी की बूंदें टपकती हैं। कागजों में सब कुछ चाक चौबंद हैं, लेकिन हकीकत इससे परे हैं। कई स्कूलों में रंग-रोगन कराकर स्कूल की खामियों को छिपाने की कोशिश की गई है। कई विद्यालय ऐसे भी हैं जहां कक्षों की छत कमजोर होने के कारण शिक्षक मजबूरन विद्यार्थियों को बरामदे में विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाते हैं।


सीन -1ः प्राथमिक विद्यालय बालक यूनिवर्सल 3ः
शिकोहाबाद रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय बालक यूनिवर्सल 3 में सुबह 11 बजे पहुंचे। यहां पर फर्नीचर नहीं होने की वजह से बच्चे बरामदे में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते मिले। विद्यालय में तीन कमरे बने हुए हैं। एक कमरे की छत का प्लास्टर पूरी तरह से टूट चुका है। बच्चे भयभीत होने की वजह से बरामदे में बैठकर पढ़ रहे हैं। बरामदे में भी बारिश के दौरान पानी टपकता है। वहीं विद्यालय के दो कमरों में शिक्षकों ने ताला डाल दिया है। कक्षा एक से पांच के बच्चों को सिर्फ एक कमरे और बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय का भवन 1959 में बना था। प्रधानाध्यापक इंचार्ज हृदेश कुमार सोलंकी विद्यालय में नहीं मिले। इस विद्यालय के समीप ही नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी नेत्रपाल सिंह बैठते हैं। उसके बाद भी विद्यालय जर्जर हालात में हैं।
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- विद्यालय में कुल 62 बच्चों का नामांकन था।
- विद्यालय में 2 शिक्षामित्र और एक प्रधानाध्यापक इंचार्ज हैं।
- विद्यालय में एक भी सहायक अध्यापक नहीं है।


सीन-2ः टूटती छत और घटती उपस्थिति बता रही टिकैतपुरा विद्यालय की पहचानः
अलीगंज। क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय टिकैतपुरा का जर्जर भवन बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। सुबह 11ः30 बजे यहां पर विद्यार्थी बरामदे में पढ़ते मिले। बारिश होने की वजह से बृहस्पतिवार को महज 15 बच्चे ही विद्यालय पहुंच सके। विद्यालय की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। लिंटर दीवार से अलग हो रहा है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के दौरान कमरों की छतों से झरने की तरह पानी गिरता है। विद्यालय की दीवारों और छत की जर्जर हालत को देखते हुए अभिभावक भी भयभीत रहते। उनका कहना है कि हादसे की आशंका के कारण वे बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। बरसात के मौसम में भवन की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है।
- विद्यालय में कुल 65 छात्र-छात्राओं का नामांकन था।
- विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक और दो सहायक अध्यापक थे।
- विद्यालय में एक भी शिक्षामित्र नहीं है।


सीन-3 कंपोजिट विद्यालय बुढरा की छत से गिर रहा प्लास्टरः
मारहरा। कंपोजिट विद्यालय बुढरा की स्थिति भी चिंताजनक भी बनी हुई है। दोपहर 12 बजे यहां विद्यार्थी बरामदे में पढ़ते हुए मिले। कक्ष के अंदर देखा तो पता चला कि छत का प्लास्टर छूटकर गिर रहा है। प्लास्टर गिरने की वजह से विद्यार्थी बरामदे में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। शिक्षकों ने बताया कि बारिश के मौसम में छत पर सीलन आने की वजह से प्लास्टर छूटकर गिर रहा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कक्ष में बैठाकर पढ़ाई नहीं करा रहे हैं।
- विद्यालय में एक इंचार्ज प्रधानाध्यापक, 2 शिक्षामित्र और 5 सहायक अध्यापक थे।
- विद्यालय में 135 बच्चों का नामांकन हो रखा था।


सीन-4ः प्राथमिक विद्यालय पीपल खेड़िया में लिंटर की दिख रही सरियाः
सकीट। प्राथमिक विद्यालय पीपल खेड़िया में दोपहर 12ः30 बजे विद्यार्थी कक्षा में पढ़ रहे थे। विद्यालय में कुल चार कमरे बने हुए थे। इसमें दो कमरे जर्जर हाल में थे। सिर्फ दो कमरों में ही शिक्षण कार्य चल रहा था। शिक्षकों ने बताया कि कमरे जर्जर होने की वजह से दो कमरों में ही शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। कमरे में छत का प्लास्टर टूट चुका है। लिंटर की सरिया दिख रही है।
- विद्यालय में एक इंचार्ज प्रधानाध्यापक और एक शिक्षामित्र हैं।
- विद्यालय में कुल 81 छात्रों का नामांकन था।
- विद्यालय में एक भी सहायक अध्यापक नहीं हैं।
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बोले अभिभावक..
अलीगंज क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालय जर्जर स्थिति में है। यहां अपने बच्चों को भेजकर उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। आला अधिकारी इन विद्यालयों की ठीक से मरम्मत तक नहीं करा रहे हैं। - शिवम, अलीगंज

बारिश के मौसम में बच्चों को परिषदीय स्कूल में भेजने में काफी डर लगता है। विद्यालय की दीवारों से पानी टपकता है। वहीं छत से प्लास्टर टूटकर गिरता है। इससे बच्चे भी भयभीत रहते हैं। - सुखवीर यादव, कैल्ठा
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वर्जन-
सभी ब्लॉक में जर्जर विद्यालय वाले प्रधानाध्यापक से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। - अनुपम अवस्थी, बीएसए

शहर के प्राथमिक विद्यालय यूनिवर्सल 3 में बरामदे में छत पर हो रही सीलन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय यूनिवर्सल 3 में बरामदे में छत पर हो रही सीलन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय यूनिवर्सल 3 में बरामदे में छत पर हो रही सीलन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय यूनिवर्सल 3 में बरामदे में छत पर हो रही सीलन। संवाद

शहर के प्राथमिक विद्यालय यूनिवर्सल 3 में बरामदे में छत पर हो रही सीलन। संवाद

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