विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। इससे जनपद की 97 शाखाओं पर ताले लटके रहे। इस एक दिनी हड़ताल से जहां करीब सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
जनपद में 65 राष्ट्रीयकृत बैंक एवं 32 ग्रामीण बैंक की शाखाएं है। इन सभी शाखाओं के कर्मियों ने मंगलवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी। कर्मियों ने नोट बंदी के दौरान अधिक देर तक काम करने का ओवर टाइम एवं मुआवजा दिए जाने, बैंक की लागत को सरकार द्वारा वहन किए जाने, सेवा निवृत्ति लाभ में बढ़ोत्तरी, ग्रेच्युटी की सीमा समाप्त करने, सेवा निवृत्त लाभ की संपूर्ण राशि आयकर से मुक्त करने, पांच दिन की बैंकिग व्यवस्था लागू करने आदि मांगों को लेकर गांधी मूर्ति के सामने प्रदर्शन भी किया। वहीं बैंक कर्मचारियों की इस हड़ताल से ज्यादातर ग्राहक अनभिज्ञ रहे। ऐसे में सुबह 10 बजे से ही ग्राहकों का आना शुरू हो गया था। पर, जब उन्हें शाखाओं में ताले लटके दिखे और हड़ताल की जानकारी हुई, तो परेशान हो उठे। विभागीय अधिकारियों का अनुमान है कि इस एक दिनीहड़ताल से करीब सौ करोड़ रुपये का ट्रांजक्शन प्रभावित हुआ है। हड़ताल के दौरान हुए प्रदर्शन में बैंककर्मी घनश्याम वार्ष्णेय, कपिल कुमार, संजय कुमार, हेम सिंह, प्रदीप कुमार, प्रभात, आरके सिंह, जितेंद्र सिंह, मोहित, राजकुमार, अभिषेक कुमार आदि मौजूद रहे।