ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान को लेकर शासन ने गंभीरता दिखाई है। सरकार ने किसानों को राहत देते हुए राजस्व वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस संबंध में जारी शासनादेश जिला प्रशासन को बुधवार को प्राप्त हुआ है।
एडीएम वित्त व राजस्व राजेंद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार अब किसानों से 30 जून तक राजस्व वसूली नहीं की जाएगी। इसमें सिंचाई व भू-राजस्व शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शासनादेश के अनुसार कृषि ऋण से संबंधित वसूली को लेकर भी किसानों को किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं होगा। ऋण वसूली में उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि शासन के निर्देशों पर जिले में बरसात से हुए नुकसान का आकलन राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। एडीएम के अनुसार अब तक आई रिपोर्ट के आधार पर जिले में औसतन 27 प्रतिशत तक के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। बता दें कि सूबे के मुखिया ने बरसात के नुकसान की भरपाई के लिए आकस्मिक निधि से 200 करोड़ रुपये की धनराशि तत्काल जारी करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि नुकसान के सदमे से जिले में तीन किसानों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार मृतक किसानों के परिजनों को पांच-पांच लाख की आर्थिक साहयता देने का भी प्रावधान किया गया, लेकिन जिले में यह धनराशि अभी तक मृतक किसानों के परिजनों को नहीं दी गई है।