राज्य औसत के सापेक्ष पिछड़ रहे जिले में प्रगति की धीमी गति पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई है। मामले पर गंभीर जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को पत्र लिखकर तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही आगामी माह में शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि जिले के विकास कार्यों को डी श्रेणी और प्रदेश में 37वां स्थान प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर जिले की प्रगति आख्या असंतोषजनक है। राज्य औसत के आधार पर जनवरी माह की प्रगति से असंतुष्ट डीएम निधि केसरवानी ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों को पत्र लिखकर धीमी प्रगति एवं जिले की डी श्रेणी पर मंडलायुक्त की नाराजगी से अवगत कराया है। तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को लिखे पत्र में चेतावनी जारी करते हुए संबंधित कार्यक्रमों को लक्ष्यानुसार शत प्रतिशत प्रगति अर्जित करने के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि विभाग ने राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अंतर्गत आंतरिक गलियों में सीसी रोड, सीसी ड्रेन एवं इनके निर्माण में 20 से 30 प्रतिशत से भी कम प्रगति हुई है। इतना ही नहीं, इन योजनाओं में वित्तीय आवश्यकता के सापेक्ष राज्य औसत व्यय 17.81 की तुलना में मात्र 3.58 है। यह राज्य प्रगति की तुलना में मात्र 20.33 प्रतिशत है।