शीतलहर का प्रकोप जानलेवा बना हुआ है। सर्द हवाओं से पारा तीन डिग्री सेल्सियस से भी नीचे बना हुआ है। गलन से हाथ-पैर सुन्न बने हैं। वहीं आसमान से पाला गिरने से खेतों में खड़ी फसलें झुलस रही हैं। मौसम की सबसे ज्यादा मार दलहन, तिलहन के साथ स्थानीय तंबाकू के किसानों पर पड़ी है। पटियाली क्षेत्र की प्रमुख फसल तंबाकू की सैकड़ों बीघा फसल पाले से झुलस चुकी है।
हफ्तेभर पहले हुई बूंदाबांदी के बाद मौसम और सर्द हो गया है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण बर्फीली हवाएं चल रही हैं। इससे तापमान में लगातार गिरावट बनी है। शुक्रवार को भी न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। वहीं ठंडी हवाओं के कारण धूप भी दिनभर बेअसर रही। इससे बढ़ी गलन से लोग कांपते दिखे। दिन में भी लोगों को स्वेटर, जैकेट, पहननी पड़ी। वहीं ठंड से खुद को बचाने के लिए गांवों में लोग आग के सहारा लिए दिखे। कड़ाके की इस ठंड के साथ ही आसमान से पाला गिर रहा है। इससे मटर, सरसों, तंबाकू की फसलों को खासा नुकसान हुआ है। पटियाली क्षेत्र में तंबाकू की खेती करने वाले किसान तो मौसम की इस मार से पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। घोसगंज के नरेश की 10 बीघा, रिसाल सिंह की 6 बीघा, संजीव कुमार की 8 बीघा, संतोष कुमार की 14 बीघा, तिलक सिंह की 25 बीघा, नगला रघी के किसान चंद्रपाल की 7 बीघा, नगला देवी के राम बिलास की 6 बीघा तंबाकू की फसलों पूरी तरह से झुलस चुकी है।
सर्द हवाओं से कांपे लोग
ठंड ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। हफ्तेभर से चल रही भीषण शीतलहर से लोग दिन में भी कांप रहे हैं। सर्द हवाओं से धूप भी बेअसर है। पहाड़ों पर हुई बर्फवारी के कारण तेज ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट बनी हुई है। शुक्रवार को भी दिन का तापमान 17 और रात में करीब तीन डिग्री सेल्सियस रहा। बर्फीली हवाओं के कारण लोग अभी इससे और गिरने की उम्मीद जता रहे हैं। फिलहाल इन सर्द हवाओं के साथ गलन बढ़ने से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। सर्दी बढ़ने से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सांस और दिल के मरीजों को है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. एस चंद्रा कहते हैं कि सर्दी के मौसम में लोग अपने बचाव के लिए गर्म कपड़ों के साथ गर्म पानी व खाने पीने की चीजों का विशेष ध्यान रखें। गर्म तासीर के खाद्य पदार्थों का सेवन करें। ठंड से बचने में की गई कोताही जानलेवा भी हो सकती है।