कासगंज में शनिवार रात करीब ढाई बजे सिढ़पुरा एटा मार्ग परगांव चांदपुर के पास पुलिस ने एक पशु चोर को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने दो चोरों को मौके से गिरफ्तार किया है, जबकि इनके तीन साथी कोहरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। सूचना पर एसपी विनय यादव सहित जिले के अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
मारे गए बदमाश की शिनाख्त नेत्रपाल उर्फ नेता निवासी चौड़ियाई थाना गंजडुंडवारा के रूप में हुई। पकड़े गए पशु चोरों में राजीव कु मार गांव अल्लीपुर थाना गंजडुंडवारा और आसिफ उर्फ मुनीश कु रैशी निवासी सुजावलपुर है। पुलिस के अनुसार मौके से फरार हुए इनके साथियों जाहिद, गुड्डू और शादाब निवासी सुजावलपुर है। मारे गए नेत्रपाल पर मारपीट, पशु चोरी, गुंडा एक्ट सहित अन्य धाराओं के नौ अन्य मुकदमे दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि पशु चोरों ने गांव बकावली में विनोदपाल के घेर की दीवार तोड़कर एक गाय और एक भैंस चोरी कर ली। चोर मैक्स गाड़ी में पशुओं को लाद रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीण राजेश ठाकुर ने इसकी सूचना सिढ़पुरा पुलिस को दे दी। थाना प्रभारी सिढ़पुरा ने रास्ते में चांदपुर की ओर से आ रहे दो वाहनों को रोकना चाहा। आगे आ रही सफारी कार कट लगाकर तेजी से निकल गई।
ऐसा करने के प्रयास में मैक्स गड्ढे में फंस गई। मैक्स में सवार चोरों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। जवाबी फायरिंग में एक पशु चोर ढेर हो गया। पुलिस ने चोरों के पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए। मुठभेड़ का मामला दर्ज कर लिया है। एसपी विनय कुमार यादव ने पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की बात कही है। एसपी ने बताया कि मुठभेड़ में थाना प्रभारी नीरज मलिक और पुलिस टीम चोरों की गोलियों का निशाना बनने से बाल-बाल बची। इसकी रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेजी जा रही है।
एस्कार्ट कर रहे थे सरगना
जिस मैक्स में भैंस और गाय को चोरी करके ले जाया जा रहा था, उसके साथ एक सफारी गाड़ी चल रही थी। बकावली से चोर पैदल ही साक्षी धाम के नजदीक तक पशुओं को खोलकर लाए थे। साक्षी धाम पर इन पशुओं को गाड़ी में चढ़ाया गया। इस दौरान सफारी में भी इनके साथी मौजूद थे। जब पुलिस से चोरों की मुठभेड़ हुई तब सफारी चालक फरार हो गए।
पुलिस दर्ज नहीं करती एफआईआर
पशुओं की चोरी और तस्करी का काम गिरोहबंद तरीके से जिले भर में हो रहा है। अब पशुओं की सुरक्षा लेकर ग्रामीणों ने पशुओं के पालने के घेरों की दीवारें भी पक्की करा ली हैं। लगातार घटनाएं होती है लेकिन पुलिस पशु चोरी के मामलों को अक्सर ही दर्ज नहीं करती।
पशु चोर, ग्रामीणों में कई बार हुई मुठभेड़
एटा। जिले में भी कई बार पशु चोरों, ग्रामीणों में मुठभेड़ हुई है। ग्रामीण कई पशु चोरों को पकड़ने में कामयाब भी रहे हैं। कुछ दिन पहले जलेसर में भी मुठभेड़ हुई थी, इसमें पुलिस बाल-बाल बच गई थी। कुछ दिनों पहले थाना बागवाला, रिजोर में भी ऐसी घटना हुई थी। बागवाला में चोर भागने में सफल रहे, वहीं रिजोर में ग्रामीणों ने दो को गाड़ी सहित पकड़ा था। दो साल पहले अवागढ़ के गांव नगला बधा में रात के समय खेत में पानी लगा रहे चाचा-भतीजे की टोकने पर पशु चोरों ने हत्या कर दी थी। निधौलीकलां, अलीगंज, जैथरा में भी मुठभेड़ हो चुकी है।