शहर में बिजली व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग एक नया लीलो सिस्टम तैयार हो रहा है। इस सिस्टम के तहत तीन बिजलीघरों को एक लाइन से जोड़ा जाएगा। किसी भी बिजलीघर की 33 केवी लाइन में फाल्ट आने पर उक्त क्षेत्र की बिजली गुल नहीं रहेगी। दूसरे सिस्टम से उसे जोड़ दिया जाएगा जिससे उक्त इलाके को आपूर्ति मिलती रहेगी। ताकि उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से निजात मिल सके। विभाग ने इसका सर्वे कराया है। लगभग डेढ़ किमी लंबी लाइन बिछाई जाएगी।
रोज-रोज होने वाले फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या से लोग परेशान हो चुके हैं। ऊपर से कटौती अलग है। इसके चलते उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही है, जबकि शासन आए दिन बिजली की दरें बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर और बोझ डाल रहा है। वहीं किसी बिजलीघर में तकनीकी खामी आने और फाल्ट होने पर उक्त क्षेत्र की आपूर्ति बाधित रहती है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आए दिन विरोध, प्रदर्शन होता है। इसी समस्या के मद्देनजर बिजली विभाग लीलो सिस्टम तैयार कर रहा है। इसके तहत रेलवे रोड से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया बिजलीघर तक डेढ़ किलोमीटर की लाइन बिछाई जाएगी। साढ़े 11 लाख का खर्च आएगा। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
ये है लीलो सिस्टम
- इस सिस्टम के तहत प्रत्येक बिजलीघर पर लाइन को ले जाने, लौटाने के लिए आईसो लेटर लगाए जाएंगे। आईसो लेटर का काम लाइन को चालू करना व बंद करना है। इस सिस्टम से कोतवाली देहात, रेलवे रोड और इंडस्ट्रियल बिजलीघर को जोड़ा जाएगा।
10 साल तक नहीं बढेे़गी ट्रांसफार्मर की क्षमता
विभाग द्वारा रेलवे रोड स्थित बिजलीघर की हाल ही में क्षमता बढ़ाई गई है। बिजलीघर में लगा पांच एमबीए का ट्रांसफार्मर हटाकर 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कराया गया है। इसके लगने के बाद करीब 10 साल तक शहर में लगे किसी भी ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि उक्त ट्रांसफार्मर दोगुनी क्षमता का है।
इस सिस्टम को लागू कराने के लिए फिलहाल सर्वे कराया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। इसके लगने से शहर में बिजली कटौती की समस्या से निजात मिलेगी।
राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता