एटा। जिला खेल विभाग उधार के इंतजामों से चल रहा है। पंडित गोविंद वल्लभ पंत स्टेडियम में मूलभूत सुविधाएं न होने के चलते विभाग कुश्ती प्रतियोगिता भी नहीं करा पाया। इसके लिए एक निजी विद्यालय से मदद मांगनी पड़ गई।
शहर के पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्टेडियम अनदेखी के चलते बदहाल बना हुआ है। करोड़ों रुपये की लागत से बने स्टेडियम की हालत इस समय काफ़ी खराब हो गई है। स्टेडियम में होने वाली खेल प्रतियोगिता कागजों में हो रही हैं या फिर निजी विद्यालय की मदद से कराई जा रही है। शुक्रवार को काकोरी ट्रेन महोत्सव को लेकर शासन ने जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता कराने का आदेश दिया। स्टेडियम में कुश्ती का खेल न तो सिखाया जाता है और न खिलाया जाता है। ऐसे में प्रतियोगिता कराने के यहां कोई इंतजाम ही नहीं थे। आखिरकार खेल विभाग को शहर के सरस्वती विद्या मंदिर से मदद मांग कर प्रतियोगिता को पूरा कराना पड़ा।
स्टेडियम में जलभराव व बड़ी-बड़ी घास खड़ी होने के चलते कोई प्रतियोगिता नहीं हो पा रही है। वहीं, शुक्रवार को सिविल सर्विस के चयन ट्रायल प्रतियोगिता को भी विभाग द्वारा स्टेडियम में जैसे-तैसे पूर्ण कराया गया। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को पांच फिजिकल टेस्ट देने थे जिनके हिसाब से स्टेडियम की हालत खराब थी। फिर भी विभाग द्वारा इसे पूर्ण करा दिया गया। उप जिला क्रीड़ाधिकारी पूजा भट्ट ने बताया कि स्टेडियम में अखाड़ा तो है लेकिन यहां कभी गद्दों पर कुश्ती नहीं कराई गई। इसलिए व्यवस्था नहीं है। इसके चलते निजी विद्यालय में कुश्ती कराई गई थी।