अकीदत की चादर पेश कर मांगी अमन की दुआ
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हजरत चिश्ती पीर बाबा का 43वां उर्स कुल शरीफ की रस्म के साथ पूरा हुआ। यहां पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरबार में हाजिरी लगाकर हर खास-ओ-आम के लिए दुआ मांगी।
सज्जादानशीं हाफिज होशियार मोहम्मद चिश्ती साबरी ने कुल शरीफ की रस्म के बाद अमनचैन की दुआ मांगी। सबसे पहले सुबह फजर की नमाज के बाद कुरआनख्वानी की गई। जुहर की नमाज के बाद गागर, चादर, गुलपोशी, खरकापोशी, संदलपोशी और चादरपोशी की रस्म अदा की।
उर्स के सरपरस्त सूफी इदरीश मियां ने बताया कि सभी मजहबों के अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादर पेश कर सभी का एकसाथ मिलजुल कर रहने की दुआ मांगी। आयोजक सूफी खलील मियां ने कुल की फातिहाख्वानी में खुसूसी दुआ की। इस दौरान हाजी शरीफ खान, मोहम्मद उमर खान, सूफी बंदे अली मियां, वार्ड सभासद असगर अली, मोहम्मद उमर खान, मोहम्मद हाशिम अली खान, सूफी खलील मियां, सूफी सद्दीक मियां, सूफी इरफान मियां, छिद्दन खान, आरजू खान आदि मौजूद रहे।