जिले में चल रहे पंचायत चुनावों में यातायात पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। यातायात पुलिस कर्मी शनिवार को प्रथम चरण का चुनाव संपन्न कराने के बाद लौटे तो उन्हें मंगलवार को दूसरे चरण के चुनाव के लिए रवाना कर दिया गया। इससे शहर में जाम के हालात बिगड़ गए हैं। हालात यह है कि एक टीएसआई और तीन यातायात पुलिस कर्मी ही शहर में जाम की समस्या से निपट रहे हैं। इसके अलावा चुनाव ड्यूटी में गए यातायात पुलिस कर्मियों के चलते यातायात माह भी बेअसर हो गया है। इसके चलते यातायात नियमों की भी शहर में जमकर धज्जियां उड़ रही हैं।
शहर में इन दिनों जाम के हालात सामान्य दिनों से अधिक जटिल हैं। लोगों का शहर में निकलना दूभर हो रहा है। जीटी रोड पर अरूणानगर गेट से लेकर जेएलएन डिग्री कॉलेज तक जाम के हालात हैं, तो शिकोहाबाद रोड और आगरा रोड पर जाम की समस्या बनी हुई है। रोडवेज बस स्टैंड के समाने तो और भी अधिक हालात खराब हैं। वाहनों का यहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। इन सब समस्याओं की वजह शहर में इन दिनों ट्रेफिक पुलिस कर्मियों का न होना है। शहर में टीएसआई के अलावा तीन अन्य कर्मियों के कंधों पर हजारों वाहनों को व्यवस्थित तरीके से चलाने की जिम्मेदारी है, लेकिन सहालग और चुनाव के चलते बढ़े ट्रेफिक दबाव को मौजूदा ट्रेफिक पुलिस स्टॉफ झेल नहीं पा रहा है।
बता दें कि यातायात माह समापन की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में 28 नवंबर से लगातार चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों की वजह से यातायात माह पर भी असर पड़ा है। मौजूदा स्टॉफ के कंधों पर यातायात सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी है, जिसके चलते वे यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे शहर में जमकर ट्रिपिल राइडिंग भी हो रही है।